असम की एक नाबालिग को अवैध रूप से रखे जाने की शिकायत पर पुलिस ने दिल्ली की एक एनजीओ टीम के साथ नांगल गांव में छापा मारा। हालांकि, जो दस्तावेज पुलिस के समक्ष पेश किए गए उनके अनुसार लड़की की उम्र 26 वर्ष बताई गई है। पुलिस लड़की का मेडिकल करवाने के बाद उसे 164 के बयान के लिए लोहारू लेकर गई है।
दिल्ली की शक्तिवाहिनी एनजीओ को सूचना मिली थी कि असम से खरीद फरोख्त कर लाई गई एक नाबालिग लड़की को 20 दिसंबर 2015 नांगल गांव में बेचा गया है। वहां उसे अवैध रूप से रखा गया है। एनजीओ की टीम में शामिल सुरेंद्र रावत और जसप्रीत कौर सूचना के आधार पर बहल थाना पहुंचे। यहां से पुलिस टीम के साथ एनजीओ टीम नांगल गांव पहुंची। बहल थाना प्रभारी उदमी राम ने बताया कि नांगल गांव में एक व्यक्ति के घर से उक्त लड़की को बरामद कर उससे पूछताछ की गई तो उसने लड़की के बालिग होने का दावा पेश करते हुए अपनी उम्र 26 वर्ष बताई। बाद में पुलिस तथा एनजीओ टीम लड़की को लोहारू मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाने के लिए लोहारू लेकर गई। जांच अधिकारी राजबीर ने बताया कि पुलिस लड़की के बयान के बाद ही आगामी कार्रवाई के बारे में निर्णय करेगी।