काकड़ौली हुक्मी में ग्रामीणों से बातचीत करते अधिकारी
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हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए शुक्रवार को काकड़ौली हुक्मी की पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटवाने पहुंची पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारी टीम को ग्रामीणों ने बैरंग लौटा दिया। ग्रामीणों ने फिरनी और रास्ते छोड़ने की मांग टीम से की। टीम सदस्यों ने ग्रामीणों की मांग उपायुक्त के समक्ष रखने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया है।
काकड़ौली हुक्मी की पंचायती जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए पुलिस प्रशासन व राजस्व विभाग के अधिकारी शुक्रवार को मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते पंचायती भूमि की कब्जा कार्रवाई नही हो सकी। हाईकोर्ट ने प्रशासन को गांव की चकबंदी होने के बाद पंचायती भूमि पर कब्जा कार्रवाई के आदेश दिए थे।
शुक्रवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार सूरजभान, थाना प्रभारी सूरजभान पुलिस बल के साथ काकड़ौली हट्ठी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने पंचायती भूमि की पैमाईश के संदर्भ में बातचीत की तो ग्रामीणों ने प्रशासन से पहले गांव के रास्ते व फिरनी की जगह छोड़ने की बात कही। इसके बाद ही पंचायती भूमि की पैमाईश कार्य शुरू करने देने का पक्ष ग्रामीणों की ओर से रखा गया।
ग्रामीणों के विरोध के बाद अधिकारियों द्वारा मौके के हालातों के बारे में प्रशासन को अवगत करवाया गया। दोपहर बाद खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इकबाल राठी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों से इस मामले में बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करवाया और शीघ्र ही उनकी मांगें जिला उपायुक्त विजय कुमार सिधप्पा के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीण संतुष्ट हुए लेकिन इसके बाद भी प्रशासनिक टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा।