देवसर से दो दिन से लापता व्यक्ति की तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह देवसर से दो किमी दूर बापोड़ा मार्ग पर खंडहर पड़े माइनर में उसका शव मिला। गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर जांच की तो पता चला कि व्यक्ति को तेजधार हथियार से हमला कर मारा गया है। हमला इतना तेज था कि उसकी आंखें भी बाहर निकल आईं थी। वहीं शव के आस-पास खून के फैले न होने से पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने व्यक्ति को पहले कहीं और मारा है इसके बाद शव को माइनर में फेंक गए। पुलिस ने हत्या के मामले में गांव के ही कुछ युवकों के शामिल होने की आशंका जताई है।
देवसर निवासी बीर सिंह (40) 10 अक्तूबर को सुबह करीब 11 बजे घर से निकला, मगर वापस नहीं लौटा। कहीं पता न चलने पर परिजनों ने पुलिस को लापता होने की सूचना दी। सोमवार सुबह करीब छह बजे देवसर गांव से करीब दो किमी दूर देवसर-बापोड़ा मार्ग पर खंडहर माइनर में बीर सिंह का शव मिला। शव की सूचना से आस-पास के गांव के लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। दोपहर करीब ढाई बजे तक जांच के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल भेजा। यहां चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया। परिजनों ने बताया कि बीर सिंह पहले एक प्राइवेट नर्सिंग होम में सहायक के तौर पर काम करता था। पिछले कुछ समय से खेती-बाड़ी कर गुजर-बसर कर रहा था। मृतक बीर सिंह के भतीजे ओमबीर ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
कॉल में छिपा है हत्या का राज
मृतक बीर सिंह के भतीजे ओमबीर सिंह ने बताया कि 10 अक्तूबर को उसका चाचा घर में सफेदी कर रहा था। सुबह करीब 11 बजे एक फोन आया। इसके बाद बीर सिंह बाइक लेकर घर से पांच मिनट में वापस आने को कहकर निकल गए। करीब दो-ढाई घंटे तक वापस नहीं आने पर फोन मिलाया तो वह स्विच ऑफ जा रहा था। देर शाम तक खोजने पर भी जानकारी नहीं मिली।
घंटों थाने में बैठाया
ओमबीर ने बताया कि 11 अक्तूबर को सुबह करीब 11 बजे सदर थाना पहुंचकर शिकायत दी। इसके बाद भी 11 से शाम छह बजे तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। जवाब मिला कि एसएचओ आएंगे तो कार्रवाई होगी। सोमवार सुबह माइनर में बीर सिंह का शव मिला।
पहले कर्मचारी का इंतजार फिर डॉक्टर का इंकार
दोपहर ढाई बजे पुलिस बृजेश के शव को लेकर भिवानी पहुंची। यहां पोस्टमार्टम हाउस में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी नहीं था। उसके घर में पता किया गया लेकिन, वह वहां भी नहीं मिला। एक घंटे बाद वह आया तो डॉक्टर ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। डॉक्टर का कहना था कि यहां फोरेंसिक एक्सपर्ट नहीं हैं, शव रोहतक पीजीआई ले जाओ।