राजस्थान के ढाणी मौजी में हुए हत्याकांड के बाद जमा ग्रामीण।
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जानकारी के अनुसार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे के प्रदीप स्वामी, निहाल सिंह, ईश्वर सिंह व अन्य ग्रामीण गांव के चौक पर ताश खेल रहे थे। इसी दौरान पल्सर बाइक पर दो बदमाश आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से प्रदीप स्वामी, निहाल सिंह एवं ईश्वर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
संजय, शिक्षक द्वारका प्रसाद व एक अन्य घायल हो गए। वारदात के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूत्र बताते हैं कि बदमाशों ने पहले रेकी की थी। जीप से बदमाश आए थे। अजय जैतपुरा का साथी प्रदीप स्वामी उनके निशाने पर था। घटना के बाद बाइक पर सवार होकर बदमाश जोहड़ी के पास पहुंचे, जहां पहले से खड़ी जीप में सवार होकर फरार हो गए।
एक बदमाश जोहड़ी तक नहीं पहुंच पाया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी चूरू सहित स्थानीय एएसपी पवन मीणा, डीएसपी बृजमोहन असवाल, थानाधिकारी गुरभूपेंद्र सिंह एवं हमीरवास थानाधिकारी सुभाष चंद्र के साथ पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद थी। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के एक घंटे बाद पुलिस पहुंची, जिससे उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
मृतक प्रदीप स्वामी की पत्नी सुरभि गत पंचायत चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीती थी। यह भी संयोग है कि अजय जैतपुरा की पत्नी भी सुमन जैतपुरा भी बीडीसी चुनाव जीती थी। चुनाव के बाद अजय जैतपुरा की हत्या कर दी गई थी।
वारदात में संपत नेहरा गैंग का आ रहा नाम
वारदात में संपत नेहरा गैंग के शामिल होने की आशंका है। 17 जनवरी 2018 को स्थानीय न्यायालय परिसर में पेशी पर आए अजय जैतपुरा की अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। तब उसके साथी प्रदीप स्वामी ने हमीरवास थाने में मामला दर्ज करवाया था। उसके बाद से लगातार प्रदीप स्वामी को जान से मारने की धमकी मिल रही थी।
राजगढ़ तहसील क्षेत्र में हुई वारदात के मद्देनजर बहल क्षेत्र के सुधिवास, नांगल समेत सभी नाकों को सील कर दिया गया है। इसके अलावा बहल पुलिस की तीन टीमें वारदात के बाद से अपराधियों की धरपकड़ के लिए आशंकित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। - सुंदर पाल, थाना प्रभारी, बहल।