तमाम जागरूकता अभियान के बाद भी पितरों को खुश करने के लिए गायों को खीर-पूरी खिलाने से 15 गायों की मौत हो गई जबकि 29 गाय गोशाला में जिंदगी-मौत के बीच जूझ रही है।
गंभीर हालत वाली गायों का महम रोड स्थित गोशाला में उपचार चल रहा है। गायों की मौत से खफा गोसेवकों ने गायों के शव रोहतक गेट पर सड़क के बीच रख रोष जताया और पुलिस से खीर-पूरी खिलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। सीटीएम और नायब तहसीलदार के उचित कार्रवाई के आश्वासन पर गुस्साए गोभक्तों ने सड़क से शव हटवाये और गायों को रोहतक रोड पर खेतों में दफनाया गया।
जाम की सूचना पर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद डीएसपी अभिमन्यु ने भी गोसेवकों को समझाने का प्रयास किया मगर गोसेवक प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग की। सायं करीब पांच बजे सीटीएम और नायब तहसीलदार गोसेवकों के बीच पहुंचे।
लिखित शिकायत देने पर मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद गोसेवक गायों के शवों को सड़क से हटाने को तैयार हुए। देर सायं गायों के शवों को रोहतक रोड स्थित खेतों में दफनाया गया। गोसेवक संजय परमार ने कहा कि रातभर गोसेवक गायों की सेवा में जुटे रहे। शहरभर में अफारे की समस्या से परेशान गायों को ढूंढा। इससे पहले लोगों को जागरूकता के लिए भी कार्यक्रम किए। इसके बावजूद लोगों ने गायों को खीर पूड़ी खिलाई।
एसएचओ जाने देते तो बच जाती कुछ गाय
गोसेवकों ने आरोप लगाया कि रात करीब साढ़े 12 बजे एसएचओ सिविल लाइन ने थाना के पास गोसेवकों को रोक लिया। गोसेवक अफारे की समस्या से परेशान गाय के इलाज के लिए मेडिकल किट लेकर जा रहे थे। मगर एसएचओ ने जांच के नाम पर गोसेवकों को परेशान किया और नहीं जाने दिया। जिस कारण कुछ गाय तड़प-तड़प कर मर गई। एसएचओ बलराज सिंह का कहना है कि जिन बाइक सवार तीन युवकों को पुलिस ने जांच के लिए रोका था। न तो किसी के पास हेलमेट था और न ही जरूरी कागजात।