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आश्वासन के चार घंटे गाद उठाया शव

Wed, 24 May 2017 01:27 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भागवी निवासी जितेंद्र के परिजनों ने मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव उठाने से इंकार कर दिया। कन्हेटी गांव में जितेंद्र की सोमवार को गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। इस दौरान परिजन आरोपी सरपंच प्रतिनिधि सहित सभी आरोपियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी व डीएसपी हेडक्वार्टर द्वारा की गई कार्रवाई की जांच करवाने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों के शव लेने से इंकार करने पर एसडीएम खुद मौके पर पहुंचे और पीड़ित पक्ष की मांग जानकार जिला उपायुक्त को इनसे अवगत करवाया। इसके बाद मृतक जितेंद्र के परिजनों व ग्रामीणों ने पांच मांगें प्रशासन के सामने लिखित रूप में रखी। इसमें से कुछ को तो मौके पर तुरंत प्रभाव से पूरा करने का आश्वासन दिया गया तो कुछ पर कार्रवाई चंडीगढ़ से होने का तर्क दिया। करीब चार घंटे सिविल अस्पताल में चली गहमागहमी के बाद करीब एक बजे परिजन शव लेकर भागवी की तरफ रवाना हो गए।  इस मामले में सदर थाना पुलिस ने सरपंच प्रतिनिधि लोकराम उर्फ कल्लू सहित कुछ नामजद व अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर रखा है।     
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गौरतलब है कि भागवी निवासी जितेंद्र की सोमवार को करीब साढ़े तीन बजे कन्हेटी शराब ठेके के समीप अज्ञात हमलावरों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इस हमले में जितेंद्र को छह-सात गोलियां लगी थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के चाचा राजेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में हत्या का शक गांव के सरपंच प्रतिनिधि लोकराम उर्फ कल्लू सहित करीब दर्जन भर लोगों पर जाहिर किया था।

पुलिस ने भी इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि लोकराम उर्फ कल्लू, मनेंद्र व कुछ अन्य के खिलाफ देर शाम ही हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। मृतक के चाचा राजेंद्र ने जितेंद्र के मर्डर का कारण हत्या मामले में उसका प्रमुख गवाह होना था। राजेंद्र ने बताया कि 18 फरवरी को उसके भाई रणधीर की भी गांव में हत्या कर दी गई थी।
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उस समय जितेंद्र के बयान पर सदर थाना में सरपंच प्रतिनिधि लोकराम उर्फ कल्लू, पूर्व सरपंच जितेंद्र, जस्सू, रामधारी व रवि पर हत्या का मामला दर्ज हुआ था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जितेंद्र को धमकियां भी मिल रही थी। इस मामले से पुलिस प्रशासन को भी अवगत करवाया गया लेकिन इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। मंगलवार सुबह परिजन व भारी तादाद में ग्रामीण दादरी के सिविल अस्पताल पहुंच गए। कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा दिया। इस दौरान आरोपियों की तुरंत प्रभाव से गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन बिफर गए।

गुस्साएं परिजनों व ग्रामीणों ने जितेंद्र का शव लेने से इंकार कर दिया। इससे एकाएक तनावपूर्ण हालात बन गए। पुलिस प्रशासन ने भी हालातों को भांपते हुए काफी संख्या में पुलिस बल सिविल अस्पताल में तैनात कर दिया। इसके बाद पुलिस अधिकारी परिजनों व ग्रामीणों को समझाने के प्रयास में जुटे रहे, लेकिन परिजनों ने उनकी मांगे पूरी होने तक शव न उठाने का स्पष्ट तर्क दे दिया। इसके बाद मौके पर एसडीएम ओमप्रकाश सिंह पहुंचे और उन्होंने परिजनों से इस संबंध में बातचीत की। एसडीएम के आश्वासन देने के बाद ग्रामीण शव उठाने को तैयार हो गए।           
       
एक घंटे का अल्टीमेटम देकर दी रोड जाम की चेतावनी                  
शव से उठाने से इंकार करने पर परिजन व ग्रामीण एसपी सुनील दलाल या डीसी विजय कुमार सिदप्पा के मौके पर आकर आश्वासन देने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर एक घंटे के अंदर उन्हें मांगों संबंधित उचित आश्वासन नहीं मिला तो वो रोड जाम कर देंगे। इसके कुछ देर बाद ही एसडीएम ओमप्रकाश सिंह मौके पर पहुंच गए और उन्होंने स्थिति संभाल ली। आश्वासन मिलने के बाद परिजन व ग्रामीण थोड़े संतुष्ट नजर आए और उन्होंने रोड जाम का फैसले से यू टर्न मार लिया।  
                
ये रखी परिजनों ने प्रशासन के सामने मांगें             
. एसडीएम को सौंपे लिखित मांगपत्र में मृतक के परिजनों ने जितेंद्र के हत्यारों की गिरफ्तारी व परिजनों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की, ताकि दोबारा से इस तरह की वारदात परिजनों के साथ न हो।            
. 18 फरवरी को जितेंद्र के चाचा रणधीर हत्या मामले में पुलिस दोबारा से जांच कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उचित कार्रवाई करें। इस मामले की जांच हरियाणा अपराध शाखा से करवाई जाएं।            
. रणधीर हत्याकांड में आरोपी सरपंच प्रतिनिधि व पूर्व सरपंच को क्लीच चिट देने पर डीएसपी हेडक्वार्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर उनका तबादला किया जाए। परिजनों ने उन पर फिर से मिलीभगत का शक जाहिर किया।            
. रणधीर हत्याकांड के साथ हुआ जस्सू हत्याकांड में जितेंद्र के परिजनों पर दर्ज हत्या का मामला तुरंत प्रभाव से पुलिस रद्द करे। इसके अलावा रणधीर हत्याकांड की दोबारा से जांच कर बाकी आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो।           
. गांव की महिला सरपंच की शैक्षणिक योग्यताओं की जांच के लिए एसपी को शिकायत देने वाले को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। इसके अलावा इस मामले की जांच भी पुलिस तुरंत प्रभाव से करे।            

वारदात के बाद भी धमकी देने का आरोप, मृतक के घर पीसीआर रहेगी तैनात            
एसडीएम ओमप्रकाश से ग्रामीणों ने मृतक जितेंद्र के परिजनों को सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी गांव में दबंगई दिखाते हैं और कभी भी जितेंद्र के साथ-साथ अन्य परिवार के सदस्यों को भी मौत के घाट उतार सकता है। मृतक के चाचा कृष्ण ने बताया कि दिन में जितेंद्र की हत्या करने के बाद भी देर रात आरोपी उनके घर धमकी देने आए थे। परिजनों के इस तर्क पर एसडीएम ने मृतक जितेंद्र के घर के बाहर एक पीसीअसार तैनात रखने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया।

परिजनों ने हमें लिखित में मांगें दी हैं। इन्हें मैं उपायुक्त को सौंप दूंगा। परिजनों की सुरक्षा संबंधी मांग पर वहां पीसीआर तैनात रखने का आश्वासन भी परिजनों व ग्रामीणों को दिया गया। पिछले मामले से जुड़ी जो भी सच्चाई सामने आएगी उसी आधार पर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
ओमप्रकाश सिंह, एसडीएम

हमने इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज कर रखा है। मृतक का पोस्टमार्टम भी पुलिस करवा चुकी है। अगर कोई परिजनों व ग्रामीणों की जायज मांग है तो पुलिस प्रशासन उसे तुरंत पूरा करेगा। अपराध शाखा से जांच करवाने की मांग पर हमने कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्याकांड से जुड़े हर व्यक्ति व आरोपी से पुलिस गहनता से पूछताछ कर स्थिति स्पष्ट करेगी।
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सुनील दलाल, एसपी
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