ट्रकों की एंट्री के नाम पर प्रति ट्रक पांच सौ रुपये की वसूली कर रहे तीन पुलिस कर्मचारियों को विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। पकड़े गए तीन पुलिस कर्मचारियों में एक एएसआई है तो दो हाल ही में पुलिस की सहायता के लिए भर्ती किए गए सेवानिवृत्त फौजी स्पेशल पुलिस ऑफिसर है। नायब तहसीलदार और विजिलेंस इंस्पेक्टर ने स्वयं ट्रक में बैठकर सफर करते हुए पुलिस कर्मियों को रंगे हाथ रिश्वत लेते काबू किया। अनाजमंडी नाके की भी शिकायत थी मगर विजिलेंस टीम को यहां कुछ नहीं मिला। फिलहाल पकड़े गए आरोपी पुलिस कर्मचारियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
मामला रात करीब एक बजे का है। ट्रक ड्राइवर तिवाला निवासी पवन ने विजिलेंस में शिकायत दी कि कितलाना पुलिस नाके पर एंट्री के नाम पर उनसे पांच-पांच सौ रुपये की वसूली करती है। एक ट्रक की एक बार एंट्री पर पांच सौ रुपये लिए जाते हैं। ट्रक चालक की शिकायत पर नायब तहसीलदार तोशाम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया। विजिलेंस इंस्पेक्टर श्रीराम अपनी टीम के साथ छपार गांव पहुंचे। वहां से तहसीलदार व इंस्पेक्टर एक ट्रक में सवार हुए। जैसे ही ट्रक कितलाना नाके के पास पहुंचा वहां तीन पुलिस कर्मी तैनात थे। पुलिस कर्मचारियों ने ट्रक चालक से एंट्री के लिए पांच सौ रुपये मांगे। जैसे ही पुलिस कर्मी ने ट्रक चालक से रुपये लिए, विजिलेंस की टीम ने उन्हें दबोच लिया। तीनों पुलिस कर्मचारियों को काबू कर उनके पास से एंट्री के नाम पर वसूले गए एक हजार रुपये वसूले गए। शिकायत थी कि हर एक ट्रक वाले से इसी तरह एंट्री के नाम पर वसूली की जाती है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सदर थाना से एएसआई बलवान, एसपीओ सुरेश व ओमप्रकाश के रूप में हुई। विजिलेंस टीम ने पकड़े गए रिश्वत लेने के आरोपी पुलिस कर्मचारियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। विजिलेंस टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीराम ने बताया कि पांच-पांच सौ रुपये एंट्री के नाम पर लिए जा रहे थे। शिकायत के बाद ट्रक चालकों को पाउडर लगाकर रुपये दिए गए थे। आरोपी तीन पुलिस कर्मचारियों बलवान सिंह, एसपीओ सुरेश व ओमप्रकाश को काबू किया गया है। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
अनाजमंडी नाके के पुलिस कर्मियों के लिए भी नोटों पर लगाया पाउडर
विजिलेंस टीम के पास कितलाना नाका और अनाजमंडी नाके पर मंथली लेने की शिकायत थी। कितलाना नाका पर तो विजिलेंस टीम ने तीन पुलिस कर्मियों को पकड़ा। अनाजमंडी नाका पर तैनात पुलिस कर्मचारियों के लिए भी नोटों पर पाउडर लगाया गया। मगर अनाजमंडी नाके पर ट्रकों को रोका ही नहीं गया।