वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़ा पकड़ा
फर्जी राशन कार्ड के सहारे बनाए जा रहे फर्जी वोट
भिवानी में राशन कार्ड के आवेदन फार्म में फर्जीवाड़ा करके वोट बनाने के खेल की कलई मंगलवार को खुल गई। आवेदन फार्म में फर्जी नाम और फर्जी फोटो लगाकर वोटर लिस्ट में शामिल करना का प्रयास किया गया। राशन कार्ड के आवेदन पर न तो कोई मोहर लगाई गई और न ही किसी अधिकारी के साइन। वार्ड 30 से करीब 200 फार्म इस तरह के मिले हैं। बीएलओ ने जांच के बाद बड़ी संख्या में आवेदन रिजेक्ट कर दिए हैं। जांच अभी चल रही है। माना जा रहा है कि यह खेल और भी कई वार्डों में खेला जा रहा है।
नगर परिषद प्रशासन की ओर से तैयार करवाई गई वोटर लिस्ट में फर्जी वोटों की भरमार है। वोटर लिस्ट के बाद अब नाम नहीं जुड़े होने की बात कहकर चुनाव लडने के इच्छुक उम्मीदवार फर्जीवाड़ा कर रहे है। वे फर्जी तरीके से फर्जी राशन कार्ड तैयार कर वोट बनवा रहे हैं। ऐसे सैकड़ों आवेदन एसडीएम कार्यालय में किए गए है। अब जांच के दौरान इनका खुलासा हो रहा है। मगर बहुत सारे वोट बना भी दिए गए।
पते पर नहीं मिल रहा कोई
फर्जी आवेदन फार्मों में जिनके नाम दिए गए है दरअसल वे वहां है ही नहीं। बीएलओ व नप कर्मचारी घर-घर जाकर जांच कर रहे है तो यह खुलासा हो रहा है। जिनके नाम है, उन्हें तो पड़ोसी भी नहीं जानते कि ये लोग कौन है और कहां है।
कहीं के वोट कहीं जोड़े
फर्जीवाड़े का एक तरीका यह भी सामने आ रहा है कि किसी वार्ड के वोट किसी वार्ड में जोड़ दिए गए है। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों ने कुछ बीएलओ के साथ सांठ गाठ कर इस तरह का फर्जीवाड़ा किया है। अब घर के पते से दो-दो किलोमीटर दूर के वार्डों में वोट जोड़े गए है। जीतूवाला जोहड़ फाटक पार के वोट वार्ड 25 बाड़ी मोहल्ला क्षेत्र में जोड़ दिए गए है। वार्ड 27 के वोट वार्ड 11 व 12 में जोड़े गए है। वार्ड 13 के सैकड़ों वोट वार्ड 11 में शिफ्ट किए गए है। इस तरह अनेक वार्डों में वोट इधर से उधर किए गए है।
फर्जी वोट पर पहले कोर्ट, फिर अस्पताल में घमासान
नगर परिषद के चुनाव की तिथि अभी तय भी नहीं हुई है, मगर संभावित उम्मीदवारों में झगड़े शुरू हो गए है। फर्जी वोटों को लेकर पहले लघु सचिवालय परिसर में लात-घूंसे और डंडे चले तो बाद में अस्पताल परिसर में विवाद हुआ। एक पक्ष की गाड़ी में लाठी-डंडे भी मिले। झगड़े में पांच लोग घायल हो गए। घायलों को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक घायल ने एक लाख 96 हजार रुपये भी छीनने के आरोप लगाए। पुलिस दोनों पक्षों के बयान लेकर जांच में जुटी है।
झगड़ा की शुरूआत सुबह करीब 10 बजे लघु सचिवालय में एसडीएम कार्यालय के पीछे की ओर टाइपिस्ट बैठने वाली जगह हुई। दो पक्षों में अचानक पहले गाली गलौच हुई और फिर हाथापाई। विवाद इतना बढ़ा कि बाद में आए 15-20 युवक और आए और जमकर लाठी-डंडे चले। घायल अस्पताल पहुंचे तो यहां भी विवाद हुआ और भारी भीड़ उमड़ी। बाद में पुलिस ने उन्हें खदेड़ा। झगड़े में एक पक्ष से कौंट रोड वासी कृष्ण नंबरदार, ताराचंद, कर्मबीर यादव, दूसरे पक्ष से रोशन लाल शर्मा, राजेंद्र व एक-दो अन्य को चोट आई। झगड़े के बाद हड़कंप मच गया और लघु सचिवालय व कोर्ट में तैनात पुलिस के जवान वहां पहुंचे। घायलों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। एक पक्ष से घायल कृष्ण नंबरदार ने बताया कि वह कोर्ट में किसी काम से आया हुआ था कि दूसरे पक्ष ने उससे गाली गलौच की। बाद में 15-20 युवकों को बुलाकर उस पर हमला कर दिया। उसके पास खड़े दो-तीन अन्य को भी चोट आई। उसके पास खड़े ताराचंद नामक युवक को गंभीर चोट लगी।
उधर, घायल रोशन लाल शर्मा ने बताया कि वार्ड में बहुत सारे फर्जी वोट बने हुए हैं। इसकी शिकायत दो-तीन दफा एसडीएम कार्यालय में दी जा चुकी है। मगर दूसरा पक्ष शिकायत बाहर फिंकवा देता है। आज भी फर्जी वोटों की जांच की शिकायत लेकर आए थे तो उन पर दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया। उसे रजिस्ट्री भी करानी थी, जिसके लिए एक लाख 96 हजार रुपये लाया था। वे रुपये भी छीन लिए और उसके कागजात, वोटर लिस्ट फाड़ दी।
मामले में एसएचओ सिविल लाइन थाना संजय बिश्रोई ने बताया कि दो पक्षों में झगड़ा हुआ है मगर अभी लिखित शिकायत नहीं आई है। अस्पताल से सूचना मिली है। घायलों के बयान लिए जाएंगे और उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गाड़ी में मिले लाठी-डंडे
अस्पताल के गेट नंबर एक के पास एक गाड़ी में लाठी-डंडे रखे थे। बताया जा रहा है कि झगड़े के बाद एक पक्ष के लोग दोबारा हमले की नियत से हथियार लाए थे। पुलिस ने गाड़ी को पकड़ लिया। गाड़ी में काफी डंडे थे।