देवसर गांव में कुकर्म के बाद सात साल के बच्चे की हत्या मामले में 13 दिन बाद भी हत्यारों का सुराग लगाने में नाकाम रही पुलिस को बृहस्पतिवार को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने पहले तो देवसर मोड़ के पास भिवानी-लोहारू मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। फिर महिलाओं ने पहले एसएचओ की गाड़ी के बोनट पर थप्पड़ मारे। मामला इतना बढ़ा कि एसएचओ की कॉलर पकड़ ली। झगड़े में एसएचओ की वर्दी फट गई। इसके बाद पुलिस ने भी धैर्य खो दिया और लाठियां भांजते हुए सभी ग्रामीणों को मार्ग से खदेड़ दिया। मार्ग जाम करने और एसएचओ से झगड़ना करने पर 80-90 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे मुख्य मार्ग को जाम रखा और गांव में पंचायत कर आगामी फैसला लेने का निर्णय लिया।
गांव देवसर वासी कारपेंटर सुनील के लड़के सात वर्षीय हिमांशु का शव नौ अप्रैल की सुबह गांव में ही पहाड़ी के पीछे गड्ढे में भरे पानी में मिला था। करीब पांच सौ मीटर दूर घसीटने के निशान थे वहीं शव के ऊपर झाड़ियां डालकर छुपाने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।इसी मामले में 13 दिन बाद भी हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिलने पर बृहस्पतिवार को ग्रामीण एकजुट हुए और सुबह करीब नौ बजे देवसर मोड़ के पास भिवानी-लोहारू मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। जाम में खासी संख्या में महिलाएं शामिल रही। एक ओर मार्ग के बीच महिलाएं बैठ गई थी तो दूसरी ओर गांव के युवाओं ने बाइक आदि वाहन खड़े कर, लकड़ियां रास्ते में डालकर जाम लगा दिया। जाम के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर ढिलाई के आरोप लगाते हुए नारे लगाए। जाम के दौरान ग्रामीण महिलाएं एसएचओ से उलझ गई। पहले एसएचओ की गाड़ी के बोनट को पीटना शुरू कर दिया। जिसके बाद चालक ने गाड़ी को पीछा किया। एक बार शांत होने के बाद करीब पौने 12 बजे पुलिस फोर्स को देख ग्रामीण महिलाएं फिर उग्र हुई और एसएचओ की कॉलर पकड़ी। जिस पर तीखी नोंक-झोंक हुई। महिलाओं ने एसएचओ की वर्दी फाड़ दी। जिस पर अचानक मामला बिगड़ा और पुलिस ने महिलाओं पर लाठियां भांजते हुए खदेड़ना शुरू कर दिया। पुलिस को लाठियां भांजते देख ग्रामीण भाग खड़े हुए। पुलिस ने रोड जाम करने और झगडना करने पर 80-90 ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
परीक्षार्थियों को भी नहीं दिया रास्ता
जाम में राहगीरों और वाहन चालकों के अलावा खासी संख्या में विद्यार्थी भी फंसे थे। पास में ही पॉलीटेक्निक है। जिसमें विद्यार्थियों को पेपर देने जाना था। मगर जाम में निकल नहीं पा रहे थे। कुछ विद्यार्थी पास ही खेतों से घूमकर गए तो कुछ ने जाम स्थल के पास ही अलग-अलग स्थानों पर अपने वाहन खड़े कर पैदल जाना ही बेहतर समझा। उधर लोहारू रोड से आने वाली बसें भी जाम में फंसी रही।
किसी अधिकारी का बेटा होता तो पकड़े जाते आरोपी
ग्रामीणों ने जाम के दौरान रोष जताते हुए कहा कि अगर किसी अधिकारी का बेटा होता तो अब तक आरोपी पकड़े जा चुके होते। गरीब का बेटा है तो पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आठ-10 युवकों को चोट भी आई है।
पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में जुटी है। ग्रामीण महिलाओं ने जाम के दौरान झगड़ा किया और वर्दी फाड़ डाली। जाम लगाने वालों पर मामला दर्ज किया गया है।
उदमीराम, एसएचओ, सदर थाना