चरखी दादरी के गांव बधवाना में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध क्लीनिक में छापेेमारी कर एमटीपी कीट और प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की है। क्लीनिक संचालक की इस गैर कानूनी करतूत का भंड़ाफोड़ करने के लिए टीम ने बोगस क्लाइंट का सहारा लिया। छापेमारी की यह कार्रवाई भिवानी सीएमओ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। टीम सदस्यों ने एमटीपी कीट व प्रतिबंधित दवाओं को अपने कब्जे में ले लिया है। आदमपुर पुलिस चौकी में अवैध क्लीनिक चला रहे आरोपी के खिलाफ शिकायत देने पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भिवानी सीएमओ को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव बधवाना में एक व्यक्ति अवैध क्लीनिक चलाकर यहां एमटीपी कीट और प्रतिबंधित दवाइयां धड़ल्ले से बचे रहा है। इस आधार पर सीएमओ ने तीन चिकित्सक डॉ संजय गुप्ता, डॉ रवि सहरावत और डॉ. संदीप हुड्डा की संयुक्त को कार्रवाई करने के लिए मौके पर भेजा। टीम ने पाया कि गांव बधवाना निवासी मनोज कुमार गांव में अवैध क्लीनिक चला रहा था और प्रतिबंधित दवाइयां भी बेच रहा था। जहां चिकित्सकों ने आरोपी अवैध क्लीनिक संचालक को प्रतिबंधित दवा बेचने रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम की शिकायत पर आदमपुर चौकी प्रभारी प्रेम कुमार आरोपी पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
पांच सौ रुपये लेकर थमा दी एमटीपी कीट
टीम सदस्य डॉ संजय गुप्ता ने क्लीनिक पर बोगस क्लाइंट को पांच सौ रुपये का एक नोट थमाकर भेजा। इस नोट का चिकित्सकों ने पहले ही सीरियल नंबर नोट कर लिया। बोगस क्लाइंट ने क्लीनिक पर जाकर एमटीपी कीट मांगी और पांच सौ रुपये का नोट संचालक मनोज कुमार को पकड़ा दिया। संचालक मनोज कुमार ने बिना किसी सवाल-जवाब के गर्भपात करवाने की प्रतिबंधित दवा उसे दे दी। इसके बाद नकली ग्राहक ने चिकित्सकों को इशारा कर दिया और टीम ने मौके पर जाकर आरोपी को दबोच 500 का नोट बरामद कर लिया।
क्लीनिक और दवा बेचने के नहीं दिखा पाया लाइसेंस
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रतिबंधित दवा बेचने वाले आरोपी से क्लीनिक और दवा बेचने का लाइसेंस दिखाने को कहा तो वह बहानेबाजी करने लगा। क्लीनिक संचालक घबराहट में लाइसेंस कभी घर पर तो कभी किसी अन्य जगह भूलकर आने के तर्क देता रहा। इस दौरान टीम के सख्ताई दिखाने पर आरोपी ने लाइसेंस नहीं होने की बात कबूल कर ली। इसी आधार पर टीम ने पुलिस को आरोपी के खिलाफ शिकायत लिखकर सौंप दी। स्वास्थ्य विभाग टीम ने एमटीपी कीट मिलते ही क्लीनिक में रखी अन्य दवाईयों की भी जांच की। इस दौरान टीम सदस्यों ने क्लीनिक में दस अन्य दवाईयां भी पकड़ी हैं जो प्रतिबंधित हैं। चिकित्सकों ने पकड़ी सभी दवाईयों के सैंपल लेकर उन्हें सील कर दिया जांच के लिए भेज दिया है।
बोगस क्लाइंट ने क्लीनिक पर जाकर पांच सौ रुपयेये देकर एमटीपी कीट खरीदी थी। इसके बाद वहां दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया था। आरोपी अवैध रूप से क्लीनिक चला रहा था और दवाईयां बेचने का भी लाइसेंस उसके पास नहीं था। क्लीनिक से एमटीपी कीट के साथ अन्य दवाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
डॉ संदीप हुड्डा, ड्रग इंस्पेक्टर और टीम सदस्य भिवानी
हमने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर बधवाना निवासी मनोज कुमार को अवैध क्लीनिक व प्रतिबंधित दवा बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
प्रेम कुमार, प्रभारी, आदमपुर पुलिस चौकी