चरखी दादरी के गांव बधवाना में अवैध क्लीनिक पर प्रतिबंधित दवाईयां बेचते रंगे हाथों स्वास्थ्य विभाग की टीम के हत्थे चढ़ा आरोपी मनोज दिल्ली से दवाइयां लाकर गैरकानूनी काम करता था। मनोज ने करीब छह माह पहले ही यह गोरखधंधा शुरू किया था। जेल जाने से पहले पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह खुलासा किया।
सीएमओ के पास आई गुप्त सूचना के आधार पर दो दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीस टीम ने गांव बधवाना में दबिश दी थी। इस दौरान आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए पुलिस ने बोगस क्लाइंट का सहारा लिया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कथित आरोपी मनोज ने करीब छह माह पूर्व ही गांव में क्लीनिक शुरू किया था। मनोज ने बीए तक की पढ़ाई की है। पूछताछ में मनोज ने पुलिस के समक्ष बताया कि वह दिल्ली से एमटीपी किट व प्रतिबंधित दवाइयां लाता था तथा गांव में स्थित क्लीनिक पर बिक्री का काम करता था। ड्रग इंस्पेक्टर संदीप हुड्डा ने बताया कि आरोपी के पास किसी प्रकार का कोई लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। वह पूर्णतया अवैध रूप से यह धंधा करता आ रहा था।