भिवानी/लोहारू। आंबेडकर जयंती से एक दिन पहले 13 अप्रैल को लोहारू के रेलवे स्टेशन चौक पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर स्याही फेंकने और सब्जी मंडी में दो दुकानों में आग लगाने के मामले में पुलिस ने 15 दिन बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें दो हत्या के मामले में नामजद आरोपी हैं और फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत पर आए थे। सीआईए टीम, साइबर टीम के प्रयासों से आरोपी पकड़े गए। लोहारू थाना पुलिस ने तीनों को दो दिन के रिमांड पर लिया है।
उल्लेखनीय है कि 13 अप्रैल को डॉ. भीम राव आंबेडकर की जयंती से एक दिन पूर्व शरारती तत्वों ने लोहारू के रेलवे स्टेशन चौक पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर कालिख पोत दी थी। साथ ही सब्जी मंडी के निकट दो दुकानों में आग लगा दी थी। इससे लेकर लोग रोष जता रहे थे। 22 अप्रैल को लोहारू 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त डॉ. अंशज सिंह से मुलाकात की थी। जिसमें उन्हें 30 अप्रैल तक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नौरंगाबाद वासी संदीप और प्रदीप, डूडीवाला वासी राहुल के रूप में हुई।
दो आरोपी हत्या में हाईकोर्ट से जमानत लिए थे
आरोपियों में संदीप और प्रदीप पर गांव में ही एक की हत्या करने का भी आरोप है और इस मामले में वे फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत पर थे। तीनों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया। पुलिस अब पूछताछ में जुटी है कि आखिर तीनों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया। किसी के कहने पर किया या स्वयं की कोई रंजिश थी।
एक नेता का सामने आ रहा नाम
डॉ. भीम राव आंबेडकर की जयंती से एक दिन पूर्व हुई इस घटना से भी अचंभित थे। मामले में एक नेता का भी नाम सामने आ रहा है। सूत्र बताते है कि उक्त नेता के कहने पर ही सारा खेल खेला गया। पुलिस अभी मामले पर चुप्पी साधे हुए है। मगर जल्द ही इस मामले में कोई बड़ा खुलासा हो सकता है और कोई नेता बेनकाब हो सकता है।
डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर कालिख पोतले के मामले में तीन आरोपियों संदीप, प्रदीप, राहुल को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के बाद ही साफ होगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।
गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक