भिवानी। बदमाश विनोद मित्ताथल व्यापारियों का अपहरण करने के दौरान गाड़ी पर नीली बत्ती लगाता था। इतना ही नहीं पुलिस की वर्दी में वारदातों को अंजाम देता था। डॉ. केएल बावा हत्याकांड के समय भी वह गाड़ी पर नीली बत्ती लगाए हुए था और व्यापारी हनुमान प्रसाद से लूट और अपहरण के दौरान भी। इसके दो कारण सामने आए। एक तो व्यापारी सरकारी गाड़ी समझकर अपनी गाड़ी रोक लेते और दूसरा पुलिस गाड़ी नहीं रोकती थी। इनामी बदमाश को पकड़ने के बाद पुलिस ने उसे और उसके साथी प्रवीण को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें पांच-पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
रविवार रात इनामी बदमाश विनोद मित्ताथल को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब पुलिस उसके द्वारा की गई वारदातों की पूछताछ में जुटी है। विनोद मित्ताथल गैंग के सदस्य हत्या करने के बाद शवों को जला देते थे। जिस कारण मृतकों की पहचान भी नहीं हो पाती थी। अब पुलिस बदमाश विनोद और उसके साथी प्रवीण को रिमांड पर लेकर इन केसों को सुलझाने में लगी है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अपराध करने के दौरान ज्यादातर वह राजस्थान पुलिस की वर्दी पहनता था। बाइक पर होता तो हेलमेट लगाता। ऐसे में अगर उससे पुलिस कर्मी कहीं मिल भी जाए तो उसे रोके नहीं। इसके अलावा यह भी खुलासा हुआ कि वह अपनी गाड़ी पर नीली बत्ती लगाकर बड़ी आपराधिक घटनाओं व्यापारियों का अपहरण और लूट आदि वारदात करता था। पूछताछ में उसने कबूल किया कि डॉ. केएल बावा हत्याकांड के दौरान और व्यापारी हनुमान प्रसाद से लूट और अपहरण के दौरान भी उसने नीली बत्ती गाड़ी पर लगाई हुई थी। पुलिस ने उसके पास से नीली बत्ती और पुलिस वर्दी भी बरामद की है। इसके अलावा उसके पास पुलिस कर्मियों के कंधों पर लगने वाले स्टार भी खासी संख्या में बरामद हुए है।
इलाज नहीं करने पर मांगी डॉ. बावा से फिरौती और किया मर्डर
पुलिस के लिए सिरदर्द बना डॉ. केएल बावा हत्याकांड भी बदमाश विनोद मित्ताथल की गिरफ्तारी के साथ सुलझ गया है। पूछताछ में उसने बताया कि वह उसके एक पांव में दिक्कत है जिसके इलाज के लिए वह डॉ. बावा के सेंटर पर गया था। बताया जाता है कि डॉ. बावा से वहां एक महिला शुल्क को लेकर बहस कर रही थी। इसके बाद बदमाश विनोद वहां से चला आया। करीब 15 दिन बाद डॉ. बावा की रेकी की और फिर 12 दिसंबर 2016 में डॉ. बावा का कितलाना मोड़ से अपहरण किया। उसके बाद पहले 10 लाख और फिर पांच लाख की फिरौती मांगी। पैसा न मिलने पर डाक्टर की हत्या कर शव को बिरही छपार के पास बणी में जला दिया।
पूछताछ में ये हुए खुलासे
- वर्ष 2016 में सूई-बलियाली मार्ग पर दांग रोड पर सड़क किनारे झाड़ियों में जलते मिले शव की भी पहचान हो गई है। शव बदमाश प्रवीण के पिता जयबीर सिंह का था। विनोद मित्ताथल, प्रवीण ने हत्या की। उस समय मृतक की पहचान नहीं हुई थी और अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था।
- 19 जुलाई 2017 को जीआरपी चौकी के क्षेत्र में नहर में मिला शव बजीणा वासी सुनील का था। सुनील बदमाश विनोद मित्ताथल का साथी था और विनोद ने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की और शव सूई-बलियाली नहर में फेंक दिया। जीआरपी हिसार में केस नंबर 78 दर्ज है। जो कि अज्ञात के खिलाफ था।
- सात मई 2016 में हेतमपुरा-ललहाना मार्ग पर सड़क किनारे किसान महेंद्र के खेत में जलते मिले शव की भी पहचान हो गई। मृतक बजीणा वासी नवीन शर्मा का था। नवीन शर्मा भी बदमाश विनोद मित्ताथल का साथी था और विनोद ने ही अपने अन्य साथियों के साथ उसकी हत्या कर शव जला दिया था। इस पर केस नंबर 283 अज्ञात पर दर्ज है।
- 14 जनवरी 2014 में सदर थाना क्षेत्र के गंाव धनाना में भी एक जलती हुई लाश पुलिस को मिली थी। मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी और पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस वारदात को भी बदमाश विनोद मित्ताथल ने ही अपने साथियों के साथ अंजाम दिया था। मृतक भी बदमाश का ही साथी था। पुलिस अब जांच में जुटी है कि यह शव बजीणा वासी विकास का था या पुन वासी नवीन का।
आसोदा में भी किया मर्डर
बदमाश विनोद मित्ताथल ने बहादुरगढ़ के कस्बे आसोदा में भी एक मर्डर किया। इस हत्याकांड में कुछ लोग गिरफ्तार हुए थे। जिन्होंने विनोद मित्ताथल का भी नाम लिया था। मामले में विनोद फरार चल रहा है।
बदमाश विनोद मित्ताथल और उसके साथी प्रवीण को रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उसने 2010 में फरार होने के बाद छह हत्या की वारदातें कबूली है। मरने वालों में चार उसके साथी और एक बदमाश प्रवीण का पिता जयबीर है। इन मामलों में पहले अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज थे और मृतकों की पहचान भी नहीं हुई थी। बदमाश विनोद से पूछताछ चल रही है।
गंगाराम पुनिया, पुलिस अधीक्षक