भिवानी। बवानीखेड़ा कस्बे की सीवर व पेयजल की लचर व्यवस्था पर दायर याचिका की सुनवाई के बाद अदालत ने पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता को तलब किया है। हालांकि उक्त विभाग के एसडीओ ने अदालत पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए हैं। अदालत ने कार्यकारी अभियंता को 12 नवंबर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा जागृति मोर्चा की ओर से छह सितंबर को बवानीखेड़ा कस्बे में बदहाल पानी व सीवर व्यवस्था को लेकर अधिवक्ता मीना चोपड़ा के माध्यम से अदालत में याचिका दायर की थी। उस वक्त दायर याचिका पर अदालत ने डीसी, सचिव व एसडीओ को 25 अक्तूबर के अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। उक्त अधिकारियों ने कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखा। इस दौरान पब्लिक हेल्थ के एसडीओ ने मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर होने की बात कही तो अदालत ने अब 12 नवंबर को विभाग के कार्यकारी अभियंता को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश जारी किए है। हरियाणा जागृति मोर्चा के अध्यक्ष राजेश सिंधू व सुमन दहिया ने संयुक्त रूप से बताया कि याचिका में कस्बावासियों के घरों में सीवर युक्त पानी पहुंच रहा है। इनके अलावा कई जगहों पर पानी की निकासी के लिए दबाई गई पाइप लाइन धंस गई। जिसकी वजह से कस्बे का गंदा पानी डिस्पोजल टैंक तक पहुंचने की बजाए सड़क व गलियों में फैल रहा है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।