टोकन सिस्टम के विरोध में वाहन चालकों ने रोका रास्ता
अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम
टोकन सिस्टम को लेकर खानक में छोटी गाड़ी मालिकों व ग्रामीणों ने शनिवार दोपहर करीब तीन बजे नाकों पर एक बार फिर जाम लगा दिया। जाम की सूचना के बाद एचएसआईआईडीसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे व लोगों को आश्वासन दिया गया कि खानक गांव वालों की गाडियों को नहीं रोका जाएगा उनको स्थाई तौर पर काम मिलेगा। एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद करीबन ढाई घंटे बाद ग्रामीणों ने सांय साढ़े पांच बजे जाम खोल दिया।
एचएसआईआईडीसी द्वारा पत्थर ढुलाई में जुटे वाहनों की टोकन संख्या तय करने के बाद शुक्रवार को खानक में लोगों में रोष उत्पन्न हो गया था। इस पर ग्रामीणों व छोटे डंपर मालिकों ने शुक्रवार सांय हिसार-तोशाम मार्ग पर जाम लगाकर जमकर प्रदर्शन किया था। इस पर एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन शनिवार को आश्वासन पर कोई समाधान होता नजर नहीं आया तो लोगों ने शनिवार दोपहर एक बार फिर नाकों पर जाम लगा दिया। शनिवार को फिर एचएसआईआईडीसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे व जाम लगा रहे लोगों को आश्वासन दिया कि खानक गांव वालों की गाडियों को नहीं रोका जाएगा उनको स्थाई तौर पर काम मिलेगा। इस आश्वासन पर फिर लोगों ने सांय साढे पांच बजे करीबन ढाई घंटे बाद जाम खोल दिया। एचएसआईआईडीसी के एसडीओ रविंद्र जाखड ने बताया कि लोगों को आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया गया है उनके काम में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी उन्हें स्थाई तौर पर काम मिलेगा।
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क्रैशर मालिकों की बैठक
वहीं दूसरी तरफ छह व बारह चक्कर को लेकर क्रशर मालिकों की एक बैठक प्रकाश स्टोन क्रशर पर हुई। बैठक की अध्यक्षता अश्वनी ने की। बैठक में 192 में से 145 क्रशर मालिकों ने एचएसआईआईडीसी के फैसले का स्वागत किया। क्रशर मालिकों का कहना है कि एचएसआईआईडीसी ने जो फैसला लिया है वह सही है। क्रशर मालिक एचएसआईआईडीसी के कॉआर्डिनेटर सुनील शर्मा के इस फैसले का स्वागत करते हैं। बैठक में पहुंचे क्रशर मालिक व पूर्व विधायक धीरा ने बताया कि एचएसआईआईडीसी के द्वारा जो फैसला लिया गया है वह क्रशर मालिकों के हित में है। धीरा ने कहा कि अगर यह नियम बदलता है तो वे इसके खिलाफ हैं।