राजस्थान से दिल्ली भेजे जा रहे 174 भूरे तीतर की तस्करी करते पकड़ी गई दो महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद वन्य प्राणी विभाग हैरान हैं। भूरे तीतरों की तस्करी करने वाले इस गिरोह के खुलासे के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति तीतरों की तस्करी से जुड़े लोगों की पहचान पर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। वहीं, बुधवार को इन महिलाओं से मिले 174 तीतरों को वीरवार को जींद के जंगलों में छोड़ दिया गया।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को पुलिस ने एमसी कॉलोनी मोड़ के पास राजस्थान रोडवेज की बस से दो महिलाओं को दबोचा गया था। उनके पास से कपड़ों के थैलों में 174 तीतर मिले थे। वन्य प्राणी विभाग ने दोनों महिलाओं को कुरुक्षेत्र वन्य प्राणी संबंधित अदालत में पेश किया। जहां से दोनों महिलाओं को अंबाला सेंट्रल जेल भेज दिया गया। वहीं तीतरों को आजाद करने के निर्देश हुए। जिसके बाद सभी तीतरों को जींद के जंगलों में आजाद किया गया।
गिरोह करता है काम
अभी तक दिल्ली की झोपड़ियों में रहने वाली दो महिलाओं का ही नाम सामने आया है। मगर जिस संख्या में तीतर थे, उससे वन्य प्राणी विभाग अधिकारियों को लगता है कि यह सिर्फ दो महिलाओं का काम नहीं है बल्कि इनका पूरा गिरोह है। जिसके बाद एक कमेटी का गठन किया गया है, जो न केवल इस मामले की जांच करेगी बल्कि क्षेत्र में ऐसे तीतर या अन्य पक्षियों, जानवरों की तस्करी पर भी नजर रखेगी।
दो महिलाओं को पुलिस ने 174 तीतरों के साथ पकड़ा था। जिन्हें कुरुक्षेत्र कोर्ट में पेश करने के बाद अंबाला जेल भेज दिया गया है। सभी तीतरों को आज जींद के जंगलों में आजाद किया गया है। वहीं मामले की जांच व निगरानी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
- जयभगवान शर्मा, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग