तोशाम में रिबन काटकर क्रेच केंद्र का शुभारंभ करते एसडीएम डॉ. अशवीर सिंह नैन।
तोशाम। एसडीएम डॉ. अशवीर सिंह नैन ने तोशाम के मुख्य बाजार में क्रेच का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के बेहतर पालन पोषण के लिए क्रेच जरूरी है। सरकार के निर्देश पर क्रेच में रहने वाले बच्चों को उनके उचित संवर्धन और विकास के लिए स्वच्छ और स्वस्थ बाल हितैषी वातावरण सुनिश्चित हो, इसके लिए एनजीओ को न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम बनने के लिए स्कीम में गैर-आवर्ती अनुदान का प्रावधान किया गया है।
एसडीएम डॉ अशवीर सिंह नैन ने कहा कि शिशुगृह एक महीने में 26 दिन एवं प्रतिदिन साढ़े सात घंटे के लिए खुला रहता है। इसमें बच्चों को पूरक पोषण, प्रारंभिक चाइल्ड केयर शिक्षा, स्वास्थ्य और सोने की सुविधा प्रदान की जाती है। सरपंच राजेश तंवर ने क्रेच के उद्घाटन अवसर पर कहा कि यहां छोटे बच्चों के लिए आधुनिक तकनीकी के खिलौनों के साथ खेलने की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास सुपरवाइजर कुसुम मलिक, ईशरवाल में मनोज सांगवान उपस्थित रही।
नगर पालिका पूर्व प्रधान ने लोहारू में शुरू किया क्रेच
लोहारू। महिला एवं बाल विकास की ओर से सीडीपीओ उषा रानी के मार्गदर्शन में सोमवार को लोहारू के सात नंबर चुंगी के पास आंगनबाड़ी कम क्रेच सेंटर की शुरुआत की गई। इसका शुभारंभ नगर पालिका पूर्व प्रधान दौलतराम सोलंकी और पूर्व पार्षद कविता गुप्ता ने किया। इस सेंटर में छह माह से तीन वर्ष के बच्चों को देखभाल की जाएगी, जिनकी माताएं कामकाजी हैं।
सुपरवाइजर अनीता व कुमारी रेखा ने बताया कि इस आंगनबाड़ी कम क्रेच सेंटर में बच्चों के लिए सोने का कमरा, पोषक आहार और खेलकूद की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि इस सेंटर के शुभारंभ का मुख्य लक्ष्य बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा देना भी रहेगा। इस मौके पर कविता, प्रवीण, मुकेश, मनुेश मौजूद रहे। दौलतराम सोलंकी ने कहा कि इस सेंटर के शुरू होने से 6 माह से तीन वर्ष के बच्चों की कामकाजी माताओं को काफी लाभ मिलेगा।