धरने पर बैठ नारेबाजी करते गोरक्षा दल के सदस्य।
भिवानी। सिवानी में कथित पिटाई से घायल गधे की इलाज के दौरान मौत के मामले में गोरक्षा दल भिवानी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए लघु सचिवालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। संगठन ने आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार के अनुसार 27 सितंबर को गधे के साथ कथित क्रूरता के संबंध में सिवानी थाना में शिकायत दी गई थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद 27 से 29 सितंबर तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने थाना प्रभारी रिसाल सिंह के समक्ष मामला उठाया और बाद में डीएसपी सिवानी से भी शिकायत की। इसके बाद 30 सितंबर को पुलिस ने घायल गधे का मेडिकल करवाया और आरोपी को इलाज के लिए उसे हिसार ले जाने के लिए कहा।
परमार के मुताबिक इलाज के दौरान गधे की मौत हो गई। उनका आरोप है कि समय रहते कार्रवाई और उपचार होता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। धरने पर बैठे संगठन के सदस्यों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की। परमार ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी और कथित लापरवाही पर कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा। धरने में भीम भाटी, डॉ. कृष्ण वर्मा, बलदेव, हितेश गुजरानी, सावन, रवि, राहुल, अतुल और हिमांशु मौजूद रहे।