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Bhiwani News: बंदरों ने घर में घुसकर 70 वर्षीय महिला को काटा, दोनों पैरों में आए 12 टांके

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घायल 70 वर्षीय संतरा देवी।
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भिवानी। शास्त्री नगर में घर के अंदर घुसे बंदरों ने 70 वर्षीय संतरा देवी पर हमला कर दोनों पैरों को बुरी तरह काट दिया जिससे गहरे घाव हो गए और करीब 12 टांके लगाने पड़े। लहूलुहान महिला को आसपास के लोग जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे जहां प्राथमिक उपचार किया गया।
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जिले के शहरी और रिहायशी इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के अस्पतालों में रोजाना औसतन 25 से 30 लोग एंटी-रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं जिनमें अधिकांश बंदर के काटने या हमले से घायल होते हैं। ताजा घटना वीरवार सुबह करीब नौ बजे दिनोद रोड स्थित शास्त्री नगर कॉलोनी की है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है।
संतरा देवी ने बताया कि सुबह परिवार के लोग काम पर चले गए थे और वह घर में अकेली थी। इसी दौरान छत के रास्ते बंदरों का झुंड रसोई में घुस आया। उन्हें भगाने का प्रयास किया तो दो-तीन बंदर उसके पैरों से लिपट गए और काटने लगे। बचने की कोशिश में वह जमीन पर घिसटती रही लेकिन बंदरों ने उसके पैर नहीं छोड़े।
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शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो बंदर दूसरी छतों पर चले गए। स्थानीय लोगों के अनुसार दिनोद रोड की कॉलोनियों में बंदरों के झुंड दिनभर घूमते रहते हैं और खाने की तलाश में घरों में घुस जाते हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को देखते ही बंदर हमला कर देते हैं। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की ओर से समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।


वार्ड 18 दिनोद रोड की अधिकांश बाहरी कॉलोनियों का आवासीय क्षेत्र है। यहां पर बंदरों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। इस संबंध में नगर आयुक्त सहित नगर परिषद के कई अधिकारियों से अवगत कराया जा चुका है। कई लोग बंदरों के हमले से जख्मी हुए हैं। लोग अपने घरों के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। बच्चे और महिलाएं तो घर में भी सहमे रहते हैं। नगर परिषद की जिम्मेदारी है कि लावारिस कुत्तों और उत्पाती बंदरों से लोगों को निजात दिलाए। -अनिल कुमार, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 18, भिवानी।


रोजाना ही बंदर किसी महिला व किसी बच्चे को जख्मी कर रहे हैं। लोग भी उन्हें भगाने दौड़ते हैं तो उन पर चोटिल होने का जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसे में जिला प्रशासन और नगर परिषद को चाहिए कि वे दावों की बजाए बंदर पकड़ने के लिए शहरी दायरे में धरातल पर काम शुरू कराए। -अशोक यादव, पूर्व प्रधान महापंचायत दिनोद रोड भिवानी।


दिनोद रोड क्षेत्र की करीब आठ कॉलोनियों में बंदरों की वजह से लोगों का जीना दूभर हो गया है। जिन घरों में महिलाएं और छोटे बच्चे रहते हैं, वहां बंदर भगाने से भी नहीं जाते हैं। ऐसे में घर के अंदर रहना भी लोगों का मुश्किल हो गया है। बंदरों की वजह से दिन प्रतिदिन हादसे बढ़ रहे हैं, इसे रोकने के लिए बंदर पकड़ने का बड़े स्तर पर अभियान चलाना चाहिए। -कृष्ण परमार, प्रधान सुधार समिति, भिवानी

अब तक करीब 3500 कुत्तों की हुई नसबंदी व वैक्सीनेशन
एजेंसी द्वारा अब तक करीब 3500 कुत्तों की नसबंदी व वैक्सीनेशन का कार्य पूरा हो चुका है। लावारिस कुत्तों की शिकायत से संबंधित मोबाइल नंबर 8199089999 जारी किया हुआ है। नगर परिषद द्वारा शहर में लावारिस कुत्तों की सेंट्रलाइजेशन व वैक्सीनेशन का कार्य एजेंसी के माध्यम से करवाया जा रहा है।


नगर परिषद भिवानी द्वारा शहर में बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे लेकिन टेंडर में एजेंसियों द्वारा अत्यधिक रेट 1678 रुपये प्रति बंदर दिए गए जबकि हरियाणा सरकार द्वारा 600 रुपए प्रति बंदर निर्धारित किए गए हैं। इसलिए नगर परिषद द्वारा टेंडर रद्द करना पड़ा। अब वर्तमान में दोबारा से नए टेंडर की प्रक्रिया कराई जा रही है। जल्द ही समस्या से निजात दिला दी जाएगी। -हरबीर सिंह, जिला नगर आयुक्त, नगर परिषद, भिवानी।
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