ब्लैक फंगस लगातार जिले में सक्रीय होता जा रहा है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग को फंगस के तीन आशंकित केस मिले है। चिकित्सक ने तीनों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल उन्हें फंगस होने की पुष्टि नहीं हो पाई है। फंगस के पुष्टि के बाद तीनों मामलों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज या पीजीआई रोहतक रेफर किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी में ब्लैक फंगस की जांच कर रहे चिकित्सकों के पास फंगस के तीन आशंकित मामले सामने आए है। जांच के दौरान इन मामलों में आंख में जलन, चेहरे पर सूजन, सिर दर्द जैसे लक्षण मिले। चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें फंगस से संबंधित टेस्ट करवाने की सलाह दी है। अभी टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट के बाद ही फंगस होने की पुष्टि की जा सकती है।
ब्लैक फंगस से अब तक तीन की मौत
ब्लैक फंगस से ग्रस्त तीन की मौत हो चुकी है। जिसमें गांव खरक वासी 50 वर्षीय प्राइवेट स्कूल संचालक, गांव मिताथल से 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला और गांव लीलस से 50 वर्षीय महिला की मौत हुई है। वही गांव बीरण से 65 वर्षीय महिला की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई, जोकि ब्लैक फंगस संदिग्ध थी।
ब्लैक फंगस से ग्रस्त तीन मरीज हुए ठीक
ब्लैक फंगस से ग्रस्त तीन मरीज ठीक हो गए है। जिनका अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। जिले में ब्लैक फंगस से गांव राजपुरा खरकड़ी से 70 वर्षीय व्यक्ति, गांव लीलस से 60 वर्षीय व्यक्ति और गांव पुर से 49 वर्षीय व्यक्ति ठीक हुए है। तीनों मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गए है।
22 मरीजों का चल रहा है उपचार
जिले में अब तक कुल 29 मरीज ब्लैक फंगस से ग्रस्त हो चुके है। जिनमें से तीन की ब्लैक फंगस और एक की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। इसके अलावा तीन मरीज ठीक होकर घर लौटे है। जिले के 22 मरीज अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और पीजीआई रोहतक में उपचाराधीन है।
फंगस को लेकर सावधानी और जागरूकता बहुत जरूरी है। किसी भी बीमार के मरीज स्टॉराइड का सेवन चिकित्सक की सलाह पर ही करें। अपने आस पास के क्षेत्र को साफ रखें और खाने पीने की वस्तुओं का सेवन भी ध्यान से करें। फंगस की जांच के लिए ओपीडी में विशेष टीम की ड्यूटी लगाई गई है। शुक्रवार को कोई संक्रमित मामला सामने नहीं आया मगर तीन आशंकित केस सामने आए है, जिनकी जांच की जा रही है।
- डॉ. ब्रिजेंद्र सिंह, ईएनटी विशेषज्ञ कम नोडल ऑफिसर फंगस।