कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए मंढ़ोली कलां गांव के युवाओं ने नजीर पेश की है। अपने प्रयास व पंचायत के सहयोग से युवाओं ने महज दो दिन में गांव के एक निजी स्कूल में दस बेड का आइसोलेशन सेंटर तैयार किया है। इतना ही नहीं, युवाओं ने अपने दम पर सेंटर में ऑक्सीजन, तीन एंबुलेंस सहित अन्य व्यवस्था की है। कोरोना की दूसरी लहर में जहां सरकारी व प्रशासनिक तंत्र पूरे जोर-शोर से लगा है वहीं मंढ़ोली कलां के युवा भी समाज के प्रति अपना दायित्व निभाने के लिए आगे आए हैं।
युवाओं ने गांव में फैल रही कोरोना महामारी की रोकथाम और कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए गांव में ही एक 10 बेड का आइसोलेशन सेंटर तैयार किया है। यह सेंटर महज दो दिन में ही तैयार किया गया है। सेंटर में जहां पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है वहीं तीन एंबुलेंस तैनात की गई हैं ताकि किसी इमरजेंसी में मरीज को भिवानी, हिसार या अन्य जगह पर शिफ्ट किया जा सके। इसके अलावा कोविड इलाज के लिए जरूरी दवाइयां, मास्क, सैनिटाइजर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
गांव के सरपंच सतपाल सिंह उर्फ मुन्ना मंढ़ोली, राजेश, डॉ. दलबीर, जयबीर, कैलाश, प्रमोद, होशियार सिंह, भीम शर्मा, रोहताश वर्मा, प्रमोद, गुटटा फौजी व रमेश सहित अन्य युवाओं ने यह बीड़ा उठाया है। युवाओं ने कहा कि गांव में कई लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। पिछले कुछ ही दिनों में करीब आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, सभी लोगों की कोरोना से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। पर, लोगों का मानना है कि मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे जिला मुख्यालय तक ले जाना संभव नहीं है। ऐसे में गांव में बनाया गया आइसोलेशन सेंटर लोगों की संजीवनी बनकर काम करेगा।
मंढ़ोली कलां गांव जहां जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है। वहीं तोशाम बहल मार्ग से करीब तीन किलोमीटर अप्रोच रोड पर स्थित है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में मरीज के लिए चिकित्सीय सुविधा देना आसान नहीं है। युवाओं ने ग्रामीणों के समक्ष तीन दिन पहले यह आइडिया रखा था और गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से इसे महज दो दिन में ही तैयार करवा दिया। गांव के केसीएम स्कूल ने अपनी बिल्डिंग सेवाभाव के लिए दी तो ग्रामीणों ने सारी व्यवस्था कर डाली।
आसपास के गांवों के मरीजों की भी मदद करेंगे
युवाओं ने फैसला लिया है कि वैसे तो यह वार्ड मंढ़ोली कलां गांव के लोगों की सेवा के लिए बनाया गया है। मगर, फिर भी आसपास के किसी गांव के गंभीर रोगी को ऑक्सीजन स्पोर्ट की जरूरत हुई तो उसे भी 5 से 7 घंटे तक ऑक्सीजन की सुविधा देंगे और किसी की जान सुविधा के अभाव में नहीं जाने देंगे। युवाओं ने इसके लिए एंबुलेंस का हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जिस पर कोई भी व्यक्ति आपात स्थिति में मदद ले सकेगा।
कोरोना महामारी को देखते हुए गांव मंढ़ोली कलां के लोगों ने यह सराहनीय कार्य किया है। गांव में महज दो दिन में बने आइसोलेशन वार्ड में दस गैस सिलिंडर, तीन एंबुलेंस, दस बेड व जरूरी दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। आशा है कि हम मानवता हित में अपने प्रयास में कामयाब होंगे और किसी जरूरतमंद के काम आ सकेंगे।
- सतपाल उर्फ मुन्ना, सरपंच, मंढ़ोली कलां।