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शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव समेत छळ को हाईकोर्ट का नोटिस

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छेड़छाड़ पीड़ित लड़की को स्कूल से निकालने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, सेकेंडरी शिक्षा के डायरेक्टर, डीईओ भिवानी सहित स्कूल प्रबंधन समिति के दो पदाधिकारी व प्रधानाचार्य सहित छह लोगों को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
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भिवानी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष बेटी के दाखिला नहीं होने से आहत महिला ने जहरीला पदार्थ निगलने के बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में पहुंचा था। इसी मामले में शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए संबंधित स्कूल को नोटिस जारी करते हुए जवाब-तलब किया है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि डीईओ भिवानी कार्यालय के बाहर 22 अगस्त को छेड़छाड़ पीड़ित लड़की की मां ने बेटी को दाखिला नहीं दिलाने से आहत होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिसके बाद महिला की हालत बिगड़ी तो उसका अस्पताल में इलाज चला। पीड़ित महिला ने इस मामले में स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद संगठन ने इस मामले को अधिवक्ता के माध्यम से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
न्यायालय से मांग की गई थी कि छेड़छाड़ प्रकरण के बाद लड़की को स्कूल द्वारा गलत तरीके से निकाला गया। इतना ही नहीं इसी स्कूल के अंदर कार्यरत लड़की के माता पिता को भी स्कूल प्रबंधन ने बिना किसी नोटिस निकाल दिया है। परीक्षाएं नजदीक होने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बारहवीं कक्षा की छेड़छाड़ पीड़ित छात्रा को स्कूल से निकाल दिया। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी पर भी महिला ने आरोप लगाते हुए उन्हें परेशान किए जाने के भी आरोप लगाए। इसके अलावा महिला ने एक शपथ पत्र हाईकोर्ट में दिया है, जिसमें महिला पुलिस थाने की एसएचओ और डीएसपी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बृजपाल परमार ने बताया कि अब मामला न्यायालय की शरण में आ गया है, जिससे लड़की को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है।
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ये है मामला
ढिगावा क्षेत्र के एक निजी स्कूल में पढने वाली बारहवीं कक्षा की छात्रा के साथ 24 जून को कथित तौर पर स्कूल के अंदर छेड़छाड़ हुई थी। जिस पर 27 अगस्त को महिला पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज हुई। जिसमें एक टीचर व स्कूल डायरेक्टर को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद छात्रा को स्कूल से निकाल दिया। इसी मामले में एफआईआर के बाद उसके माता पिता को भी स्कूल से बाहर निकाल दिया गया। इसी से आहत होकर 22 अगस्त को महिला ने डीईओ कार्यालय में जहरीला पदार्थ निगल लिया। इस मामले में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, निदेशक सेकेंडरी शिक्षा, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी को भी पार्टी बनाया गया है।
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