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हड़ताल के कारण नहीं हुई दवाइयों की खरीद, गहराएगा संकट

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16 फिट इंडिया कार्यक्रम के तहत सिविल अस्पताल में योग करते हुए सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता - फोटो : Bhiwani
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फार्मासिस्ट की हड़ताल अब परेशानी बनने लगी है। हड़ताल के कारण कुछ दवाइयों की खरीद नहीं होने के कारण अब दवाओं की कमी का संकट गहराएगा। व्यवस्था बनाने के लिए दोपहर बाद प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने स्टाफ की विशेष बैठक बुलाई। वहीं फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रधान ने दावा किया कि सभी अस्पतालों में दवाओं का टोटा बना हुआ है और कुछ दवाइयां देकर मरीजों को टरकाया जा रहा है। वहीं नियमों को ताक पर रखकर दवा वितरण करने वाली स्टाफ नर्सों की वीडियोग्राफी करवा हाईकोर्ट से नोटिस भिजवाए गए है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले चार दिन से फार्मासिस्ट काम छोड़ हड़ताल पर है। अब फार्मासिस्ट ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। फार्मासिस्ट ने वीरवार को लगातार चौथे दिन अस्पताल परिसर में नारेबाजी कर रोष जताया और पार्क में धरना दिया। वहीं स्टाफ नर्सों ने चिकित्सक की देखरेख में दवा वितरण किया गया। स्टोर से कुछ महंगे इंजेक्शन ऑपरेशन थियेटर में भेजने, कुछ दवाइयों की खरीद कार्य ठप होने से व्यवस्थाएं कुछ प्रभावित नजर आई। हालांकि स्टाफ नर्सों ने कुछ काम संभाला मगर खरीद नहीं होने समस्या बनी। प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने दोपहर बाद इस बारे में बैठक बुलाकर विचार विमर्श भी किया।
नारेबाजी कर जताया रोष
फार्मासिस्ट ने मांगों को लेकर लगातार चौथे दिन रोष जताया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अधिकारियों द्वारा फार्मेसी एक्ट तोड़कर की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी दम तोड़ती नजर आ रही है। अस्पतालों में दवाओं का कोटा खत्म हो गया है। मरीजों को कहीं दो-दो गोली देकर टरकाया जा रहा है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की स्वीकृति के बाद 4600 ग्रेड पे की फाइल वित्त विभाग में धूल फांक रही है। उन्होंने कहा कि दवाओं का इमरजेंसी कोटा खत्म हो चुका है, अगर दवाओं के अभाव में कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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एसोसिएशन ने उठाया कानूनी कदम
प्रधान ने कहा कि सरकारी संस्थाओं में फार्मेसी एक्ट की सरे आम धज्जियां उड़ाई जा रही है। चपरासी तक से दवाएं दिलवाई जा रही है जो गलत दवाएं दे रहे है। एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट हरियाणा ने सभी जगह वीडियोग्राफी करवा कर दोषियों के खिलाफ हाई कोर्ट से लीगल नोटिस भिजवाया है। फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत फार्मासिस्ट के अलावा कोई अन्य दवा संबंधी कार्य करता है तो छह माह की जेल व जुर्माने का प्रावधान है।
विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुखदर्शन सरोहा, सुनीता देवी, सूरजभान जटासारा, सुरेन्द्र, एमपीएचई के कार्यकारी जिला प्रधान सोनू राठी, पूर्व प्रधान कुलदीप सिंह, रविन्द्र सिंह, सुरेश कुमार, सतेन्द्र कुमार, जगदीश प्रसाद जांगड़ा, ईएसआई फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अजमेर सिंह, दीपक सांगवान, दीपक फौगाट, सीमा ने समर्थन किया।
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