भिवानी। शहर के ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल पार्क में नगर परिषद द्वारा करीब दो करोड़ की लागत से कराए जा रहे विकास कार्यों पर न्यायालय ने रोक लगा दी है। भिवानी न्यायालय के सिविल जज सीनियर डिविजन अनसुमन ने मामले की शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान 21 सितंबर तक सेठ किरोड़ीमल पार्क में यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
इस दौरान पार्क में चल रहा निर्माण काम भी बंद करा दिया है। 13 सितंबर को ही विधायक घनश्याम सर्राफ और नगर परिषद अधिकारियों ने करीब दो करोड़ की लागत से पार्क की चहारदीवारी और अन्य विकास कार्यों का शुभारंभ किया था। इसके बाद श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैनी ने मामले को न्यायालय में चुनौती दे डाली। इसकी सुनवाई पर ही ये स्थगन आदेश मिले हैं।
भिवानी का सेठ किरोड़ीमल पार्क देश की आजादी के बाद 1948 में एक समझौते के तहत नगर परिषद की हद में शामिल किया गया था कि इस पार्क के स्वरूप को नहीं बदला जाएगा। तब से लेकर आज तक प्रदेश में जो भी सरकारें आई लेकिन पार्क के स्वरूप को नहीं बदला गया। फिलहाल भिवानी नगर परिषद ने सेठ किरोड़ीमल पार्क के अंदर व्यवसायिक गतिविधियां चलाकर अपनी आमदनी बढ़ाने का खाका तैयार किया था।
इसके तहत नगर परिषद ने पार्क का ले आउट प्लान भी तैयार किया। जिसे मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद करीब दो करोड़ की लागत से कार्यों का शुभारंभ भी 13 सितंबर को विधायक घनश्याम सर्राफ के हाथों नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप व अन्य अधिकारियों ने करा दिया। पार्क में कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने चहारदीवारी का निर्माण कार्य कराने के लिए जेसीबी से नींव भी खुदवा डाली और ईंट भी निर्माण साइट पर डाल दी। काम शुरू ही हुआ था कि श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैनी ने पार्क के स्वरूप बदलकर उसके साथ छेड़छाड़ किए जाने के मामले को अधिवक्ता मुकेश खरकिया के माध्यम से न्यायालय में चुनौती दे डाली। शनिवार को सिविल जज सीनियर डिविजन अनसुमन ने 21 सितंबर तक कार्य पर रोक के स्थगन आदेश दिए हैं। इस दौरान दोनों ही पक्ष पार्क में यथास्थिति बनाए रखेंगे।
महात्मा गांधी सहित देश की राजनीति के बड़े दिग्गज सेठ किरोड़ीमल पार्क में दे चुके हैं भाषण
भिवानी का ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल पार्क देश की आजादी से पहले से ही बड़े जलसों और आयोजनों के लिए इतिहास में दर्ज है। इस पार्क के खाली मैदान में महात्मा गांधी सहित देश की राजनीति के कई बड़े दिग्गज नेता, स्वतंत्रता सेनानी और महान विभूतियां यहां आ चुकी हैं। उनके भाषणों की गूंज से यहां का माहौल भी भारी भीड़ जुटाने का गवाह बन चुका है। सेठ किरोड़ीमल पार्क में जुड़े कुछ बड़े व ऐतिहासिक आयोजनों का जिक्र भी इसी परिसर में बनी पंडित नेकीराम शर्मा जिला लाइब्रेरी की कुछ ऐतिहासिक पुस्तकों में दर्ज है। करीब दस एकड़ का ये पार्क कई दशकों से ऐसे ही मैदान के रूप में है, जिसमें सर्कस, धार्मिक व राजनीतिक जलसे, अन्य सार्वजनिक आयोजन होते आ रहे हैं।
नगर परिषद ने यह बनाई है योजना
भिवानी नगर परिषद ने शहर के सेठ किरोड़ीमल पार्क में स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने, जिसमें रेहड़ियों को मामूली शुल्क पर लगाने की अनुमति देने व वाहन पार्किंग के साथ-साथ हरा भरा पार्क बनाने की योजना का खाका तैयार किया है। इसी पार्क के कुछ हिस्से पर शहर की संस्था स्वदेशी जागरण मंच द्वारा प्रशासन की अनुमति से पेड़ पौधे भी लगाए गए हैं। इसकी बाड़ बंदी भी की हुई है। इस पर भी रामलीला कमेटी प्रधान ने कड़ा एतराज जताया है।
सेठ किरोड़ीमल पार्क सेठ किरोड़ीमल की धरोहर है। पार्क को सेठ किरोड़ीमल ने अपनी संपत्ति से बच्चों के खेलने के लिए छोड़ा गया था। इस पार्क के मूल स्वरूप से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। पहले भी जिला प्रशासन द्वारा इस पार्क के मूल से छेड़छाड़ की कोशिश पर न्यायालय से नोटिस कराया गया था। मगर अब इस पार्क में व्यवसायिक गतिविधियां चलाने के लिए पार्क के ऐतिहासिक मूल को ध्वस्त कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था, जिस पर न्यायालय ने रोक लगाई है।
-विजय बंसल टैनी, प्रधान श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी भिवानी।
शहर के ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल पार्क की हालत दयनीय बनी हुई है। जिस पर नगर परिषद यहां अच्छी व्यवस्थाएं कराने के लिए कार्य करा रही है। पार्क के मूल स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया रहा है। कुछ लोगों ने इस पार्क की हालत सुधार पर न्यायालय में कार्यों पर स्टे आर्डर लिया है। जिस पर नगर परिषद इस मामले में न्यायालय में अपना मजबूती से पक्ष रखेगा। लोगों को अगर इस कार्य से कोई आपत्ति है तो वे इस संंबंध में बातचीत करते। सामाजिक समरसता बनाए रखने और शहर की प्राचीन धरोहर को संजोने के लिए नगर परिषद हर संभव प्रयासों में लगी है।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।