भिवानी। बिहार से डेढ़ लाख रुपये में खरीदकर लाई गई किशोरी (14) की शादी के बाद गर्भपात मामले के उजागर होते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। सोमवार को जिला बाल कल्याण समिति में काउंसलिंग कराने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष किशोरी के बयान दर्ज कराए गए। जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष यह भी खुलासा हुआ कि जन्म के जाली दस्तावेज तैयार कराकर उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया। फिर उसकी सेहत बिगड़ने के बाद जिला नागरिक अस्पताल में ले जाया गया।
बिहार के मधुबनी जिला निवासी किशोरी की करीब आठ-नौ माह पहले डेढ़ लाख रुपये में खरीदकर लाने के बाद बवानीखेड़ा क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक (30) से शादी कराई गई थी। 28 अगस्त को किशोरी को करीब पांच माह की गर्भवती होने पर अल्ट्रासाउंड के लिए ले जाया गया। अल्ट्रासाउंड केंद्र के रिकॉर्ड में जाली दस्तावेजों में किशोरी की 19 साल उम्र दर्शायी गई है। उसी दिन उसका निजी अस्पताल में भी चेकअप हुआ है, जिसका रिकॉर्ड भी सामने आया है।
29 अगस्त को गर्भपात के लिए किशोरी को जिला नागरिक अस्पताल भिवानी लाया गया। किशोरी के साथ उसका पति और गांव की आशा वर्कर भी साथ थी। किशोरी की काउंसलिंग के बाद यह बात भी सामने आई है कि गर्भपात के बाद करीब पांच माह का भ्रूण उसकी जेठानी को सौंप दिया था, जिसे परिजनों ने बाद में खुर्द-बुर्द कर डाला।
सोमवार को बवानीखेड़ा पुलिस थाना की महिला सब इंस्पेक्टर नीलम ने बाल कल्याण समिति के समक्ष काउंसलिंग कराई और फिर उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। फिलहाल किशोरी का दोबारा मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा। बवानीखेड़ा थाना एसएचओ ओमप्रकाश ने बताया कि किशोरी की काउंसलिंग और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए हैं। इस मामले में स्वास्थ्य कर्मी व आशा वर्कर की भूमिका की जांच कर रहे हैं। इस मामले से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में ली जाएगी।
किशोरी बोली, पिता को मिले थे सिर्फ 39 हजार रुपये
बाल कल्याण समिति सदस्य रमेश कुमार और सतेंद्र तंवर ने बताया कि किशोरी की काउंसलिंग के बाद यह बात भी सामने आई है कि उसे बिहार के मधुबनी क्षेत्र के एक गांव से डेढ़ लाख रुपये में खरीदकर लाया गया था। तोशाम क्षेत्र के गांव संडवा का एक बिचौलिया इसमें शामिल है,जिसने एक लाख 11 हजार रुपये अपने पास रखे और 39 हजार रुपये किशोरी के पिता को बरात की आवभगत के लिए दिए थे। वहीं, पीड़ित किशोरी की बड़ी बहन की भी उसी गांव में शादी की हुई है।
स्टेट क्राइम ब्रांच व बाल कल्याण समिति मानव तस्करी मामले की करेगी जांच
किशोरी की खरीद फरोख्त और उसके गर्भपात कराने के मामले के सामने आने के बाद अब बाल कल्याण समिति भी हरकत में आ गई है। स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम और जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य जिला बाल संरक्षण अधिकारी की संयुक्त टीम के साथ मानव तस्करी से जुड़े अन्य मामलों की जांच करेगी। यह बात भी सामने आई है कि बिहार के अलग-अलग जिलों से खरीद फरोख्त कर काफी किशोरी शादी के लिए लाई गई हैं, जिन्हें भी चंगुल से आजाद कराकर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
जिला नागरिक अस्पताल में किशोरी के गर्भपात की बातें निराधार हैं। किशोरी को आशा वर्कर के माध्यम से यहां लाया गया था, लेकिन उससे पहले ही उसका गर्भपात हो चुका था। लगातार रक्तस्राव होने पर उसे उपचार दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग इससे संबंधित रिकॉर्ड की जांच करा रहा है। किसी भी कर्मचारी की भूमिका शामिल पाई जाती है तो कार्रवाई होगी।
-डॉ सुनीता सांगवान इंचार्ज स्त्री रोग विभाग जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।
किशोरी से प्रारंभिक पूछताछ में जिला नागरिक अस्पताल में उसका गर्भपात कराए जाने और उसकी उम्र के दस्तावेजों से छेड़छाड़ की बातें सामने आई है। जिला नागरिक अस्पताल में आशा वर्कर के साथ पीड़िता का पति उसे वहां लेकर गया था। इसकी सीसीटीवी फुटेज व दस्तावेज भी पुलिस कब्जे में लेकर जांच करेगी। फिलहाल उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।
-सतेंद्र तंवर सदस्य जिला बाल कल्याण समिति भिवानी।
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स्वास्थ्य विभाग अब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और रिकॉर्ड खंगालने में जुटा है। वहीं बवानीखेड़ा पुलिस नाबालिग लड़की की शादी और अवैध गर्भपात मामले में आरोपी पति सहित अन्य पर पॉक्सो एक्ट व बाल विवाह अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच में जुटी है। जबकि इस मामले में स्वास्थ्य कर्मियों और आशा वर्कर की भूमिका की जांच भी पुलिस कर रही है।