भिवानी। एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति जिला सामान्य अस्पताल में 12 घंटे तक अपनी गाड़ी में बैठा रहा, लेकिन उसे आइसोलेट करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं हुआ। ऐसे में कोरोना संक्रमित खुद को दूसरों से दूर रखने के लिए गर्मी के बावजूद गाड़ी में ही स्वास्थ्य अधिकारियों का इंतजार करता रहा। रात नौ बजे जब मामला स्वास्थ्य उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया तो आननफानन में उसे जिला सामान्य अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भेजने की तैयारी की गई।
शुक्रवार सुबह नौ बजे दिल्ली से पर्सनल गाड़ी से एक कोरोना पॉजिटिव भिवानी के सामान्य अस्पताल में पहुंचा, जहां दोपहर 12 बजे तक उसकी जांच हुई और फिर रिपोर्ट यहां भी पॉजिटिव आई। दरअसल पॉजिटिव 49 वर्षीय व्यक्ति गांव केलंगा का रहने वाला है, जो दिल्ली में प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी में जॉब करता है। उसने दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में 10 जून को अपनी जांच कराई थी, जिसकी 11 जून की शाम को रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी। उसने दिल्ली के अस्पताल में संपर्क किया था, लेकिन वहां उसकी कोई व्यवस्था नहीं हो पाई तो वह अपनी पर्सनल गाड़ी लेकर घर जाने की बजाए सीधा जिला सामान्य अस्पताल के फ्लू सेंटर में पहुंच गया। यहां पर उसने अपनी रिपोर्ट दिल्ली में पॉजिटिव आने की बात ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों से कही तो यहां पर भी उसकी जांच का सैंपल लिया गया। यहां पर भी उसके पॉजिटिव होने की प्रारंभिक पुष्टि कर दी गई। मगर उसे आइसोलेट नहीं किया गया। इसके बाद वह खुद को अन्य लोगों से अलख रखने के लिए अपनी गाड़ी में ही बैठा स्वास्थ्य अधिकारियों का इंतजार करता रहा। देर शाम तक जब कोई व्यवस्था नहीं हुई तो उसने इसकी सूचना स्वास्थ्य अधिकारियों को दी और विधायक आवास पर भी फोन मिलाया। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उसे वार्ड भेजने की तैयारियां की। केलंगा वासी 49 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि उसके परिवार में उसकी मां, दो बच्चे और पत्नी के अलावा भाई का परिवार है। वह अपने गांव गत 22 मई को गया था। इसके बाद वह दिल्ली में ही रह रहा था।
दिल्ली से यहां आए व्यक्ति को जिला सामान्य अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भेजा जाएगा। इसके लिए एंबुलेंस भेजी है। पहले इस बारे में कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था। अब उसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ही रखा जाएगा। - डॉ. राहुल, फ्लू सेंटर भिवानी।