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पीएम आवास योजना के नाम पैसा तो आया पर लाभार्थियों को नहीं मिली पूरी राशि

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बावड़ीगेट धानकान मोहल्ला में पीएमएवाई के पैसे नहीं मिलने का दर्द बयां करते बीपीएल परिवारों के स? - फोटो : Bhiwani
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साहब! गरीबी सबसे बड़ी बीमारी हैं, हमें कोरोना वायरस से भय नहीं, हमें तो अपनी गरीबी की बेबसी में लिए गए साहूकार के कर्ज से डर लगता है। ये बेबसी और लाचारी उन गरीबों की है, जिन्होंने सरकारी योजनाओं में पैसे मिलने का इंतजार न करते हुए अधिकारियों के आश्वासन पर मोटे ब्याज पर कर्ज लेकर खुद मकान बना डाले।
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अमर उजाला की पड़ताल के दौरान यह हकीकत उन बेबस लोगों की जुबां पर आई, जिन्हें बीते डेढ़ साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के भुगतान का इंतजार है। बता दें कि नगर परिषद द्वारा भरवाए गए 15 हजार शहरी परिवारों के आवेदनों में सिर्फ 3500 गरीब परिवारों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का पात्र माना गया था। इनमें से कुछ परिवारों को एक किस्त मिली है तो ज्यादातर परिवारों को अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। अब इस कर्ज के लगातार बढ़ रहे ब्याज से उनकी न केवल कमर टूट रही है, बल्कि बचा सामान भी गिरवी रखने की नौबत आन खड़ी है।
पिछले साल ही पीएमएवाई यानी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर परिवार को ढाई लाख रुपये की राशि मंजूर की गई थी। हैरानी तो इस बात की भी है कि सरकार ने करीब एक साल पहले ही नगर परिषद के पास पीएमएवाई का करोड़ों रुपये का बजट भेज दिया था। मगर नगर परिषद इस बजट को पात्र परिवारों तक पहुंचाने में कभी अधिकारी की तो कभी नक्शों की शर्तों की अड़चन लगाती रही। ऐसे में छह माह तक बीत गए। अब नगर परिषद के पास खाली पड़े पदों पर भी सक्षम अधिकारी आ चुके हैं, फिर भी बजट जारी नहीं हुआ।
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डेढ़ साल से किराये पर रह रहे हैं सैकड़ों परिवार
गरीब बस्तियों के लोगों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से किराये पर रह रहे हैं। कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन में कामधंधा और मजदूरी भी ठप पड़ी है। इस बुरे दौर में उन पर किराये का बोझ तो बढ़ ही रहा है, साथ साहूकार का कर्ज भी उनका गरीबी में खून चूस रहा है। बावड़ीगेट चंद्रगिरी स्कूल के सामने धानकान मोहल्ला वासी कमल, विक्की, शंकर, सुरेंद्र, मीना, शशी ने बताया कि जनवरी में कुछ लोगों को किस्त मिली थी, हालांकि ज्यादातर लाभार्थियों को कोई भुगतान नहीं हुआ। अब लॉकडाउन में न जाने कितने महीने और भुगतान के लिए लग जाएंगे। जो पैसा सरकार देगी शायद वो तो साहूकार का ब्याज चुकता करने में ही लग जाएंगे।
कोट
पीएमएवाई लाभार्थियों के खाते में पैसे डालने के लिए वाउचर जनरेट नहीं हो रहे हैं। शायद तकनीकी खराबी की वजह से ऐसा हुआ है। मुख्यालय से इस संबंध में बातचीत की गई है। सोमवार तक बाउचर जनरेट होने की उम्मीद हैं। इसके बाद लाभार्थियों को भुगतान देना शुरू कर दिया जाएगा।
- दीपक गोयल, ईओ नगर परिषद भिवानी।
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कोट
लॉकडाउन में पूरा फोक्स शहर को सैनिटाइज और जरूरी व्यवस्थाएं बनाने पर है। फिलहाल पीएमएवाई का काम बंद है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे पीएमएवाई के तहत आए 20 करोड़ के बजट को पात्र गरीब परिवारों के बैंक खाते के माध्यम से किस्तों में भुगतान जारी कर दिया जाएगा। बजट सरकार के पास वापस नहीं जाएगा।
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- रणसिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद भिवानी।
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