सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने में पांच और गेहूं की खरीद में सिर्फ 10 दिन शेष हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि खरीद के लिए करीब डेढ़ लाख मजदूरों का इंतजाम कहां से होगा। भिवानी जिले से लॉकडाउन से पहले और बाद में करीब 26 हजार प्रवासी मजदूर पलायन कर चुके हैं। जिला मुख्यालय की मंडी में भी सिर्फ 15 फीसदी लेबर ही बची है। लॉकडाउन में जिले की सीमाएं सील किए जाने के बाद शेल्टर होम में करीब 20 फीसदी लेबर ठहरी हुई है, लेकिन ये भी लॉकडाउन खुलते ही घर जाने की फिराक में है।
अगर सरकार सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करती है तो सबसे बड़ी चुनौती लेबर का इंतजाम करना रहेगी। हालांकि कोरोना वायरस के बचाव और सामुदायिक दूरी कायम रखने के लिए सरकार ने ग्राम स्तर पर ही मंडियां बना दी हैं। इस बार सरकारी खरीद के लिए जिले भर में 81 मंडियां बनाई गई हैं। इनमें 11 पक्की मंडियां हैं। पहली बार बनाई गई 70 अतिरिक्त मंडियों में सरकार किसानों का गेहूं और सरसों टेंट लगाकर खरीद करेगी।
हर मंडी में दो सक्षम युवा करेंगे फसल की निगरानी
कोरोना के खौफ के बीच 81 मंडियों में किसानों की खरीद की गई फसल की रखवाली करना भी बड़ी चुनौती है। इसके लिए जिला प्रशासन प्रत्येक मंडी में दो सक्षम युवाओं की ड्यूटी लगाने की योजना बना रहा है। ये युवा मंडी में फसल की रखवाली और अन्य व्यवस्थाओं पर निगरानी बनाए रखेंगे।
मजदूर नहीं लगाएंगे गांव तक दौड़
फिलहाल जिला मुख्यालय पर 15 फीसदी लेबर बची है, वह गांव में फसल खरीद के लिए दौड़ नहीं लगाएगी। क्योंकि मंडी में फसल आने के बाद उसकी झराई, भराई और तुलाई का काम चलता है। इसके बाद सिलाई और फिर लदाई का काम शुरू होता है। इन सभी कार्यों में सिर्फ लेबर की जरूरत ही पड़ती है।
वर्जन
पक्की मंडियों में लेबर की भारी कमी है। आढ़तियों और लेबर का ग्राम स्तर की मंडियों तक पहुंच पाना संभव नहीं है। आढ़ती खरीद में पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन वर्तमान हालात खरीद में चुनौतियां ज्यादा हैं। इस समय लेबर भी दोगुनी मजदूरी की मांग कर रही है। ऐसे हालात में आढ़ती के लिए कम कमीशन पर काम कर पाना मुश्किल है।
- रामनिवास गुप्ता सिवानीवाला, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।
वर्जन
जिले में 81 मंडियों में सरकारी खरीद की तैयारियां की गई हैं। ग्रामीण मंडियों में टेंट लगाए गए हैं। इसके अलावा वहां पर बिजली और पानी के भी प्रबंध किए गए हैं। दो सक्षम युवाओं की प्रत्येक मंडी में ड्यूटी भी लगाई जाएगी। लेबर के प्रबंधों के बारे में जिला प्रशासन के साथ विचार-विमर्श चल रहा है।
-श्याम सुंदर, डीएमईओ मार्केटिंग बोर्ड भिवानी।