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कोरोना : कुंभ स्नान कर लौटे पुजारी समेत चार की मौत, 142 नए संक्रमित

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नागरिक अस्पताल में कोरोना जांच के लिए सैंपल लेते स्वास्थ्य कर्मचारी। - फोटो : Bhiwani
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कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। शुक्रवार को चार की मौत की सूचना आई, जिनमें कुंभ का स्नान कर लौटे आश्रम के पुजारी के अलावा शहर की विभिन्न कॉलोनियों के लोग शामिल हैं। इतना ही नहीं 142 नए संक्रमित भी सामने आए। इनमें 34 गृहिणियां, नौ विद्यार्थी, तीन चिकित्सक, तीन रोडवेज कर्मचारी, सात शिक्षक, तीन पुलिसकर्मी शामिल हैं। अब को संक्रमितों का आंकड़ा 8371 तक पहुंच गया है, जिनमें एक्टिव केस 1295 हैं। शुक्रवार को भी 92 लोग ठीक हुए, वहीं 1400 नए सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए।
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कोरोना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 13 दिन में 1778 संक्रमित सामने आ चुके हैं। अप्रैल के 23 दिनों में अब तक 36 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद बाजारों व मंडियों में लापरवाही बरती जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कोविड-19 सुरक्षा नियमों के पालन के आदेश तो दिए हैं, मगर जांचने कोई नहीं पहुंच रहा और लापरवाही में संक्रमण दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
कोरोना संक्रमण से इन्होंने तोड़ा दम
जताई का व्यक्ति 14 अप्रैल को हुआ था अस्पताल में भर्ती
जताई गांव का 35 वर्षीय कोरोना से जिंदगी की जंग हार गया। व्यक्ति को बुखार की शिकायत हुई थी, जिसके बाद 14 अप्रैल को महम के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। उन्हें मोतीझारा बताया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें 17 अप्रैल को हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। उन्हें गले में जलन की भी समस्या थी। 17 अप्रैल को ही उनका कोरोना टेस्ट करवाया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 22 अप्रैल को सुबह करीब आठ बजे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कोविड-19 सुरक्षा नियमों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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संजीव कॉलोनी के 62 वर्षीय व्यक्ति को 10 मार्च को हुआ था हृदयाघात
संजीव कॉलोनी नजदीक ग्वार फैक्टरी के 62 वर्षीय संक्रमित ने भी कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया। व्यक्ति को 10 मार्च को हृदयाघात हुआ था। जिसके बादउ न्हें पंजाब के बठिंडा के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां से 14 मार्च को रोहतक के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां दो बार डायलिसिस हुआ। इसके बाद सेहत में सुधार हुआ। 15 अप्रैल को तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। 17 अप्रैल को आरटीपीसीआर टेस्ट हुआ। 20 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 21 अप्रैल की रात को उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुजारी को थी बुखार-खांसी की शिकायत
कुंभ स्नान कर लौटे देवसर मोड़ स्थित आश्रम के पुजारी की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। जिसने उपचार के दौरान दम भी तोड़ दिया। डाबर कॉलोनी वासी 76 वर्षीय पुजारी 12 अप्रैल को कुंभ स्नान के लिए गया था। जहां से 14 अप्रैल को लौटा। तभी से उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत हुई। 22 अप्रैल को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
सेक्टर 13 वासी महिला की 16 अप्रैल को खराब हुई थी तबीयत
सेक्टर 13 की 51 वर्षीय महिला भी कोरोना से जिंदगी की जंग हार गई। महिला की 16 अप्रैल को तबीयत खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अस्पताल में बेड नहीं मिलने पर एक अन्य निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां 21 अप्रैल को सुबह करीब साढ़े पांच बजे महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। कोविड-19 नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार किया गया।
वर्जन
कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी रखें। अपना और अपनों का ख्याल रखें। कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करें, मास्क लगाएं, बार-बार साबुन से हाथ धोते रहें। जहां तक जरूरी न हो, घर से बाहर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं।
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- डॉ. कृष्ण कुमार, कार्यकारी सिविल सर्जन
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