लोहारू। शहर लोहारू में पिलानी रोड स्थित रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण कार्य के चलते क्षेत्र के लगभग 30 गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी बाधा उत्पन्न हो गई है। उल्लेखनीय है कि रेलवे अंडरब्रिज का शुभारंभ 13 जुलाई 2025 को किया गया था, जिसकी निर्माण अवधि लगभग एक वर्ष निर्धारित की गई थी। इस वजह से 30 गांवों की आबादी के लिए आवागमन की चुनौती बनी हुई है।
स्थानीय ग्रामीण मीर सिंह, सत्यपाल, मुकेश पोटिया, जगदीश, शेखर, दलीप सरपंच, होशियार सिंह, भोपाल सिंह का कहना है कि अंडरब्रिज निर्माण से पूर्व इसी मार्ग से लाडून्दा, दुदवा, सरदारपुरा, सूजडोला, छापड़ा, रामपुरा, बेरी सहित लगभग 30 गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते थे। यह मार्ग क्षेत्र की प्रमुख संपर्क मार्ग था, जिससे ग्रामीणों व व्यापारियों को काफी सुविधा मिलती थी। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरब्रिज निर्माण कार्य के दौरान अंडरब्रिज के अंदर से इन गांवों की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यदि अंडरब्रिज के अंदर से रास्ता खोल दिया जाए और अंडरब्रिज से राजस्थान बार्डर तक कच्चे पड़े रास्ते को जोड़कर पक्की सड़क का निर्माण करवा दिया जाए तो सभी गांवों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। संवाद
असुविधाजनक रास्ते से होकर आना-जाना पड़ रहा
वर्तमान में ग्रामीणों को अंडरब्रिज से सटी संकरी व असुविधाजनक रास्ते से होकर आना-जाना पड़ रहा है, जिससे समय, ईंधन और श्रम की बर्बादी हो रही है। आपात स्थिति में मरीजों, विद्यार्थियों तथा व्यापारिक वाहनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के समाधान को लेकर लोहारू विधायक राजवीर फरटिया को ज्ञापन सौंपा गया है। इसके साथ ही रेल मंत्री को भी पत्र भेजकर मांग की गई है कि अंडरब्रिज के अंदर से बंद किए गए रास्ते को पुनः खोला जाए तथा अंडरब्रिज से राजस्थान बाॅर्डर तक स्थायी सड़क का निर्माण किया जाए, ताकि क्षेत्र में यातायात सुचारु हो सके और व्यापार को भी बढ़ावा मिले।
अंडरब्रिज का टेंडर लगभग 4 करोड़ 87 लाख रुपये का है। अंडरब्रिज की कुल लंबाई करीब 440 मीटर है और अब तक लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। रेलवे विभाग की ओर से आवश्यक ब्लॉक मिलते ही शेष कार्य को तेज़ी से पूरा कर लिया जाएगा तथा आगामी अप्रैल माह तक अंडरब्रिज के पूर्ण होने की संभावना है।
-जितेंद्र नारंग, कनिष्ठ अभियंता, निर्माण एजेंसी।