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घोटालों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर सड़क पर उतरे कांग्रेसी

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मांगों संबंधी ज्ञापन अधिकारियों को सौंपते कांग्रेस के कार्यकर्ता। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
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प्रदेश में घोटालों की भरमार के आरोप लगाते हुए कांग्रेसी सड़क पर उतरे और शहर में प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप घोटालों की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की। वहीं प्रदर्शन के दौरान हुड्डा और किरण समर्थकों में अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाने को लेकर विवाद भी हुआ। जिसे बाद में वरिष्ठ नेताओं ने सुलझाया।
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वीरवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कन्वीनर पूर्व विधायक सोमबीर सिंह की अध्यक्षता में जिला कांग्रेस कार्यकर्ता पुराना बस स्टैंड पर एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां नायब तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। पूर्व विधायक ने कहा कि प्रदेश में जहां एक तरफ कोरोना महामारी लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर लॉकडाउन के बीच शराब घोटाले में करोड़ों की शराब बिक्री व तस्करी की परतें लगातार खुल रही है। बेहद ही सीमित अधिकारों में हुई स्पेशल इंक्वायरी टीम की जांच में सफेदपोशों और अफसरशाही की शराब ठेकेदारों वह शराब माफिया से मिलीभगत का षड्यंत्र खुले तौर से सामने आया है। सरकार द्वारा लगातार इस घोटाले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व विधायक ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर हजारों करोड़ रुपये के रजिस्ट्री घोटाले को अंजाम दिया गया। हरियाणा में 30000 से ज्यादा शहरी निकायों के कंट्रोल एरिया में हुई रजिस्ट्री में गड़बड़ियां पाई गई हैं। चावल घोटाले में भी 100 करोड़ से अधिक का हेरफेर हुआ है। यदि निष्पक्ष तरीके से जांच होगी तो यह घोटाला और भी बड़ा साबित हो सकता है। सरकार नौकरियां देने की बजाए छीनने में लगी है। पहले 1983 पीटीआई और अब खेल कोटे से ग्रुप डी में भर्ती हुए 1500 कर्मचारियों को भी नौकरी से निकालने की तैयारी है। लेकिन कांग्रेस कर्मचारियों के साथ खड़ी है और पीटीआई की बहाली के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएगी। इस अवसर पर संदीप सिंह, अमर सिंह हलवासिया, कमल सिंह, शीशराम मेचू, जगदीश मंढोलीवाला, प्रदीप गुलिया, अजय वेद, अभिजीत लालसिंह, हरिसिंह सांगवान एडवोकेट, कृष्ण लेघा, परमजीत मड्डू, अशोक ढोला, देवराज महत्ता, ईश्वर शर्मा प्रधान, शीशराम, धीरज अखरिया, राकेश शर्मा, दीपेश सारसर, पार्षद बलवान सिंह, सुनील शास्त्री, रविंद्र खरे, एडवोकेट दरिया सिंह, एडवोकेट शक्ति सिंह, सतवीर सिरसी, दिलबाग निमड़ी, संदीप खरकिया, जयपाल चेयरमैन, रामौतार खोरड़ा, सुखपाल सरपंच, किरण पाल तंवर, भुवनेश रिंकल तंवर, मोहित परमार, प्रदीप मंढोली, राकेश शर्मा, अश्वनी कांगड़ा, सुशील कासनी, नवीन धमीजा, कृष्ण कुमार, राजीव मतानी आदि मौजूद थे।
खेमे में बंटे दिखे कार्यकर्ता
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत सभी कांग्रेसी पुराना बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और यहां से जुलूस के में लघु सचिवालय तक गए। रास्ते में भाजपा के खिलाफ नारे लगाने के साथ-साथ अपने चहेते नेताओं के जिंदाबाद के भी नारे लगाते रहे। रास्ते में किरण चौधरी के समर्थक ज्यादा नारे लगा रहे थे तो लघु सचिवालय के समीप हुड्डा खेमे के कांग्रेसी अलग हो गए और कहने लगे कि नारे लगे तो सबके लगे। वरना आगे से कार्यक्रम अलग-अलग कर लें। हुड्डा खेमे के कांग्रेसियों ने कहा कि उन्हें किरण चौधरी, श्रुति चौधरी के नारों से कोई आपत्ति नहीं है मगर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी भुलाया नहीं जा सकता। उनके भी नारे लगने चाहिए। जिसके बाद पूर्व विधायक सोमबीर सिंह उनके बीच पहुंचे और विवाद को शांत करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का प्रदर्शन है। नारे कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं के लगेंगे। इस विवाद की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई।
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