भिवानी। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक दल नेता किरण चौधरी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर स्वास्थ्य विभाग में बड़े स्तर पर घोटाला करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप गलाया कि इसके लिए सीधे सीधे भिवानी की मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दोषी हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एक डेंटल चिकित्सक ने भ्रष्टाचार की सिंडिकेट बना रखा है, जिस कारण आम आदमी को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि वे इस मामले की शिकायत प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी करेंगी।
पत्रकारों से बात करते हुए किरण चौधरी ने कहा कि अस्पताल में ठेके पर होने वाली नियुक्तियों में भी गड़बड़झाले की सूचनाएं हैं। इसके अलावा कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी अस्पताल में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि भिवानी जिलाधीश ने भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की आरटीपीसीआर जांच में भूमिका को लेकर उन्हें दोषी ठहराते हुए उच्च अधिकारियों को शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अन्य सुुविधाएं तो दूर, रक्त जांच करने की मशीनें तक खराब रहती हैं।
अमरूत योजना की सार्थकता पर सवाल
विधायक किरण चौधरी ने भिवानी शहर में अमरूत योजना के तहत खर्च किए गए 72 करोड़ रुपये की सार्थकता पर भी प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि चंद अधिकारियों व ठेकेदारों ने मिलकर उन इलाकों में बरसाती पानी की लाइनें नहीं डाली जहां पानी भरने की सबसे अधिक समस्या है। उन्होंने कहा कि अमरूत योजना के तहत जो कार्य किये गए हैं उनकी गुणवत्ता भी निम्न स्तर की है। करनाल में किसान आंदोलन पर बोलते हुए किरण चौधरी ने कहा कि सरकार को अविलंब दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए गरीब किसानों का शोषण कर रही है। हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही के विधानसभा सत्र में पास किया गया भूमि अधिग्रहण कानून किसानों को बर्बाद कर देगा।
परिवार पहचान पत्र के बारे में विधानसभा में पारित किए गए बिल पर उन्होंने कहा कि यह बिल लोगों के अंदरूनी जीवन में झांकने की साजिश है। इस बिल के माध्यम से आम आदमी की सभी निजी जानकारियां हासिल की जाएंगी। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राम प्रताप शर्मा, अमर सिंह हालुवासिया, देवराज महता, कृष्ण लेघां, परमजीत मड्डू, मुकेश पहाड़ी, अमन राघव, दिलबाग निमड़ी, शीशराम मेचू, बलवान पार्षद, रविंद्र खरे आदि उपस्थित थे।