सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) की टीम ने किसानों की समस्याओं को लेकर शनिवार को चोपटा क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क किया। इस दौरान किसानों को फसलों को लेकर पड़ी मार और घग्गर के बांधों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
किसान नेता बीकेई लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि बीकेई टीम से गुरपिंदर सिंह काहलों, कुलतार सिंह, सुरेश सोखल, सरबजीत कंबोज ने किसानों व मजदूरों की मांगों को लेकर पैंतालिसा क्षेत्र के गांवों में जाकर एक सितंबर को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए पहुंचने की अपील की है। औलख ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हिसार घग्गर ड्रेन का निर्माण चोपटा क्षेत्र में सेमग्रस्त एरिया के लिए किया गया था ताकि सेम से निजात मिल सके, लेकिन प्रशासन व नहरी विभाग की नाकामी के चलते बरसात के मौसम में हर साल हजारों एकड़ फसल इसकी चपेट में आकर बर्बाद हो रही है। सरकार से अपील है कि सेमग्रस्त इलाके का स्थायी समाधान किया जाए।
इस मौके पर इस मौके पर नरेंद्र कुमार, सुशील बैनीवाल, मांगेराम, सतबीर, प्रकाश, राजेंद्र कुमार, मोहन लाल, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र, रामस्वरूप, लीलू राम, सुभाष, प्रेमकुमार, पवन कुमार, मोहन कुमार, वेद प्रकाश, दलबीर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
गांव तरकांवाली में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए औलख ने कहा की 1 सितंबर को किसान सुबह 10 बजे से ताऊ देवीलाल पार्क पिपली रोड कुरुक्षेत्र में एकत्रित होना शुरू हो जाएंगे। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए सीएम आवास पर पहुंचेंगे। किसानों की मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के तहत सी2+50 के अनुसार एमएसपी तय करके किसानों की फसलों की खरीद सुनिश्चित की जाए। निम्न क्वालिटी व नकली बीज, खाद, कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाई जाए और खाद के वितरण में पारदर्शिता लाई जाए।
इसके अलावा खाद में टैगिंग व कालाबाजारी बंद की जाए। नहरों व ड्रेनों की सफाई और सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया जाए। भारी बरसात के कारण पंजाब में हरियाणा के ऊपरी हिस्सों में बाढ़ आई हुई है, लेकिन सिरसा की नहरों में पानी की सप्लाई नहीं दी जा रही है। नहरी पानी 3 सप्ताह सप्लाई व एक सप्ताह बंदी का शेड्यूल जारी किया जाए। 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू की जाए। परमल धान में नमी के नाम पर काट लगाकर किसानों को न लूट जाए।