तोशाम। निजी स्कूल की चलती बस का फर्श टूटने से साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए हादसे के मामले में तोशाम पुलिस को शिकायत दी गई है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य एवं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के क्रियान्वयन से संबंधित पीआईएल के याचिकाकर्ता सुशील वर्मा ने शिकायत देकर मामले में कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में बस के मालिक, चालक, परिचालक और संबंधित स्कूल की भूमिका की जांच करने की मांग की गई है। साथ ही यह पता लगाने को कहा गया है कि बच्चों को बैठाने से पहले बस की स्थिति की जांच की गई थी या नहीं और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी।
बस की फिटनेस को लेकर भी जांच की मांग की गई है। पुलिस से बस की मूल फिटनेस फाइल लेकर यह पता लगाने को कहा गया है कि नवीनतम फिटनेस प्रमाणपत्र किसने जारी किया, वाहन का भौतिक निरीक्षण कब और कहां हुआ तथा निरीक्षण किस अधिकारी ने किया। गंभीर खराबी के बावजूद बस को फिट घोषित किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की गई है। थाना प्रभारी विशेष ने बताया कि शिकायत के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के उल्लंघन का आरोप
सुशील वर्मा ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 23 जनवरी 2023 को सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के क्रियान्वयन में अनियमितताओं और अधिकारियों की जिम्मेदारी से जुड़े मामले की सुनवाई की थी। हरियाणा सरकार ने कोर्ट को बताया था कि स्कूल बसों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञ, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर, पुलिस अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी आदि को शामिल कर चेकिंग टीम गठित की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल परिवहन वाहनों के चालान किए जाने की जानकारी भी कोर्ट को दी गई थी।