भिवानी। शीतलहर से ठिठुरन बढ़ी है। वही धुंध से फसलों में फायदा मिल रहा है। इसकी वजह से दृश्यता भी 30 मीटर तक बनी रही वहीं सरसों और गेहूं की फसल में भी फायदा मिलेगा। वीरवार को भी न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक नीचे गिरा। लगातार चौथे दिन भी दिन के समय कुछ क्षणों के लिए ही धूप निकली।
ठंडी हवाओं की वजह से शहर की सड़कों पर भी सन्नाटा छाया रहा। कृषि वैज्ञानिक डॉ देवीलाल ने बताया कि इस समय मौसम फसलों के लिए फायदेमंद है। गेहूं की बढ़वार के लिए तापमान नीचे जाना जरूरी है। भिवानी में ओलावृष्टि से ही ठिठुरन का असर देखा जा रहा है।
भिवानी जिले में साढ़े सात लाख एकड़ भूमि पर रबी सीजन में फसल बिजाई हो चुकी है। अधिकांश किसानों ने रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं और सरसों की बिजाई की है। किसानों के खेतों में सरसों की फसल में पीले फूल आ चुके हैं। जिसमें अभी दाना बनना शुरू हो गया है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. मुरारीलाल का कहना है कि इस समय फसलों के लिए मौसम अनुकूल है। क्योंकि पौधों की बढ़वार के लिए ऐसा मौसम और तापमान जरूरी है। सुबह धुंध और दोपहर में कुछ क्षण के लिए हल्की धूप निकली। ठिठुरन की वजह से शहर के बाजारों में भी सन्नाटा रहा। वहीं लोग भी घरों के अंदर दुबके रहे।
दिनांक अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
02 जनवरी 12.0 7.0
01 जनवरी 16.0 7.0
31 दिसंबर 14.0 6.7
30 दिसंबर 11.7 8.5
29 दिसंबर 16.3 8.9
28 दिसंबर 15.3 13.0
27 दिसंबर 18.0 11.9
26 दिसंबर 19.0 8.1