देवसर मोड पर फ्लोर मील से लिए सैंपल के साथ सीएम फ्लाइंग व जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम। विज्?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने बुधवार को देवसर मोड़ के पास दो फ्लोर मिल में छापा मारा। इस दौरान एक मिल संचालक के पास लाइसेंस ही नहीं मिला, जबकि अन्य में साफ-सफाई की कमी मिलीं। इसके कारण खाद्य सामग्री की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। टीम ने मौके पर ही आटा, मैदा, गेहूं और चावल के कुल पांच सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट करीब 15 दिन में आएगी।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक व जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संयुक्त टीम गठित की। टीम को शिकायत मिली थी कि देवसर मोड़ पर दो फ्लोर मिल हैं, जिनमें निम्न स्तर के गेहूं, चावल की कणी मिलाकर आटा बनाया जाता है। जबकि दूसरी मिल में गेहूं के आटे में मैदा और चावल की कणी पीसकर मिलाई जा रही है। टीम ने मौके पर छापा और दोनों ही मिलों में सैंपलिंग की। इसमें आटा के दो, गेहूं, मैदा, चावल के एक-एक सैंपल लिए हैं। वहीं, एक मिल संचालक के पास लाइसेंस ही नहीं पाया गया। सभी सैंपलों को परीक्षण के लिए जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक चौधरी ने लैब में भेजा। इस अवसर पर राजवीर सिंह, गुप्तचर विभाग प्रभारी सुनील कुमार, एसआई सुरेंद्र, एसआई धर्मेंद्र, बजरंग उपस्थित रहे।
शिकायत के आधार पर देवसर मोड़ स्थित दो फ्लोर मिल में छापा मारा गया। जहां से पांच सैंपल लिए हैं, जिनकी रिपोर्ट करीब 15 दिन में आएगी। वहीं, मिल में साफ-सफाई की कमी पाई गई और एक मिल के संचालक के पास लाइसेंस भी नहीं मिला।
- दीपक चौधरी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी भिवानी।