जिले भर में गैर मान्यता प्राप्त और अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई से हड़कंप मचा है। इन स्कूलों के निरीक्षण के बाद अब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 65 अस्थायी व 81 गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बंद कराने की रिपोर्ट वीरवार को शिक्षा मुख्यालय को भेजी गई है। मगर जिन स्कूलों को शिक्षा विभाग की टीमें दो दिन पहले निरीक्षण कर बंद कराकर रिपोर्ट में बंद दर्शा रही हैं, उन स्कूलों में अब भी नियमित कक्षाएं लगाई जा रही हैं। हालांकि इन स्कूलों के संचालन करने वालों से भी जांच टीमों द्वारा इन्हें बंद कराने के लिए लिखित में लिया हुआ है। शिक्षा विभाग की तालाबंदी के खिलाफ हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने भी मोर्चा खोल दिया है। प्राइवेट स्कूल मुखियाओं ने लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन की ओर से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में 2017 में जनहित याचिका डालकर गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर न्यायालय ने हरियाणा सरकार को इन स्कूलों को बंद कराकर इसकी स्टेटस रिपोर्ट न्यायालय में 19 जुलाई तक देने के आदेश दिए हैं। अब विभागीय टीमें पिछले तीन दिन से स्कूलों का निरीक्षण करने में जुटे हैं। इनकी रिपोर्ट भी वीरवार को मुख्यालय भेजी गई।
दो-दो सदस्यीय टीमों ने किया था निरीक्षण
शिक्षा मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले भर में दो-दो राजकीय स्कूल प्राचार्यों की एक कमेटी बनाई गई थी। जिन्होंने गैर मान्यता व अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया था। स्कूलों पर कार्रवाई के लिए तीन स्तर पर कमेटियों का गठन किया है। इन सभी कमेटियों में स्कूल प्राचार्य से लेकर खंड शिक्षा अधिकारी व उप जिला शिक्षा अधिकारी शामिल हैं, जबकि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी की भी अलग से कमेटी बनी है।
बवानीखेड़ा व बहल में बंद कराए स्कूल में भी लग रही कक्षाएं
टीमों ने वीरवार को बहल व बवानीखेड़ा में भी गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को बंद कराया। बवानीखेड़ा में चार गैर मान्यता प्राप्त स्कूल बंद कराए जो मिडिल तक कक्षाओं का संचालन कर रहे थे। जबकि बहल में तीन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर तालाबंदी हुई है। जिसमें पहली से आठवीं तक बच्चे पढ़ रहे थे। इसी तरह तोशाम में भी गैर मान्यता प्राप्त स्कूल बंद कराए गए।
शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार निजी स्कूलों के साथ गलत कर रही है। सरकार से भी इस मसले पर बात हुई, मगर मुख्यमंत्री से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। इसलिए निजी स्कूल संघ ने फैसला लिया है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती तब तक अनिश्चित कालीन पड़ाव जारी रहेगा और सड़कों पर उतरकर निजी स्कूल स्टाफ और बच्चे विरोध प्रदर्शन कर सरकार की खिलाफत करेंगे।
- घनश्याम शर्मा, जिला अध्यक्ष हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ।
शिक्षा अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में रही है। शिक्षा अधिकारी न्यायालय में केवल झूठे आंकड़े और रिपोर्ट देकर गुमराह कर रहे हैं। जिन स्कूलों को अधिकारी अपनी रिपोर्ट में बंद दिखा रहे हैं, वे खुले हैं। जिसकी उनका संगठन वीडियोग्राफी कराकर इसकी वास्तविक स्थिति न्यायालय के समक्ष रखेगा और लापरवाही और धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों के साथ निजी स्कूल संचालकों पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग उठाएगा।
- बृजपाल परमार, प्रदेश अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
शिक्षा अधिकारियों व गठित टीमों के निरीक्षण के उपरांत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी गई है। जिन स्कूलों को बंद कराकर रिपोर्ट भेजी गई है, अगर ये स्कूल भविष्य में खुले मिलते हैं तो इन स्कूलों का संचालन कर करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
- अजीत सिंह श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।