भिवानी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए 15 सितंबर से दो अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जाएगा। अभियान को लेकर अधिकारियों ने बैठक कर विचार-विमर्श किया।
मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में समीक्षा बैठक जिला परिषद के सीईओ कुशल कटारिया की अध्यक्षता में हुई। सीईओ कटारिया ने स्वच्छता एवं सही पोषण की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जाने वाले स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान जिला में स्वच्छता के लिए गांवों में अनेक गतिविधियां व कार्यक्रम किए जाएंगे। इस अभियान में सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य सहित पंचायती राज संस्थाओं के पूर्व में रहे प्रतिनिधियों व प्रबुद्ध नागरिकों को शामिल किया जाएगा। इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। 15 सितंबर को गांवों में स्वच्छता अभियान के लिए जिला विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा जरूरी कदम उठाए जाएंगे। 16 सितंबर को गंदगी वाले जगहों की साफ-सफाई की जाएगी।
वहीं 17 सितंबर को पंचायत विभाग के साथ-साथ शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से लोगों को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए जागरूक किया जाएगा। 18 सितंबर को पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अधिकारी व पंचायत विभाग के अन्य अधिकारियों द्वारा कचरा निष्पादन के लिए जरूरी व्यवस्था के लिए कदम उठाएंगे। 19 सितंबर को डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के दौरान प्लास्टिक आदि ठोस कचरे के निष्पादन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
20 सितंबर को जलघर, तालाब आदि के आसपास स्वच्छता व पौधारोपण, 21 को ग्राम सभाएं कर ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने बारे जागरूकता, 22 को ग्रामीणों को जूट व कपड़े के थैले के प्रयोग के बारे में जानकारी, 23 सितंबर को पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों से ओडीएफ प्लस पर चर्चा होगी। दो अक्तूबर तक इसी तरह जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। बैठक में कार्यकारी अभियंता पंचायती राज सुदेश कुमार, उप सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, बीडीपीओ सोमबीर कादयान, रविन्द्र दलाल, रेनू लता, परियोजना कार्यक्रम अधिकारी दर्शना मालवाल, प्रवीन बजाज, आरएफओ ओमप्रकाश पिलानिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी धूप सिंह आर्य, राजपाल सांगवान, प्रमानंद, रघुबीर सिंह, अनीता बाई, सीडीपीओ राज मक्कड़, विभूति आदि मौजूद थे।