भिवानी। इंदौर की तुलसियान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सौ से अधिक सफाई कर्मचारियों ने शहर में शनिवार को कूड़ा उठान नहीं किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल का एलान कर इन कर्मचारियों ने बाग कोठी में विधायक आवास पर पहुंचकर विधायक से भी मुलाकात की और वेतन भुगतान कराने की गुहार लगाई। काफी देर चली बैठक के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला।
कंपनी के कर्मचारियों ने कंपनी और नगर परिषद को अल्टीमेटम दिया है कि जब तक उनका वेतन भुगतान नहीं होगा शहर से कूड़े का उठान नहीं होगा। शनिवार को शहर में कचरा प्वाइंटों पर करीब सौ टन से अधिक कचरे के ढेर लगे रहे वहीं घर-घर कूड़ा उठाने के लिए टिप्पर ऑटो भी नहीं चले। बारिश के बाद कूड़े के ढेर से आसपास के इलाकों में भी बदबू फैल गई, जिससे लोगों का वहां सांस लेना भी दुश्वार हो गया।
नगर परिषद ने शहर के सभी 31 वार्डों से घर-घर कूड़ा उठान के अलावा कचरा प्वाइंटों से कूड़े को दादरी रोड के निस्तारण केंद्र तक ले जाकर उसका निस्तारण का ठेका दिया हुआ है। इंदौर की तुलसियान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पिछले आठ माह से शहर के सभी वार्डों से कूड़े का उठान और कचरे का निस्तारण कराने का काम कर रही है।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि आठ माह में नगर परिषद ने करीब चार करोड़ के बकाया बिलों में से सिर्फ 85 लाख रुपये के बिलों का ही भुगतान किया है। जबकि करीब तीन करोड़ से अधिक की राशि के बिल अभी भी अटके पड़े हैं। इस कारण शहर में घर-घर कूड़ा उठान करने व कचरा प्वाइंटों से कूड़ा उठाकर निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने के काम पर लगे करीब सौ से अधिक सफाई कर्मियों को मार्च और अप्रैल माह के वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इन कर्मचारियों ने पहले कंपनी और फिर नगर परिषद को भी अल्टीमेटम दिया, मगर बात नहीं बनी। शनिवार को सफाई कर्मियों ने शहर में किसी भी कचरा प्वाइंट पर कूड़ा नहीं उठाया वहीं घर-घर कूड़ा उठान के लिए भी टिप्पर ऑटो नहीं चले। कंपनी के पास करीब 30 रिक्शा और 30 टिप्पर ऑटो हैं। शनिवार को सभी टिप्पर ऑटो रिक्शा का पहिया कंपनी कार्यालय के बाहर ही थमा रहा।
ये अटका है कंपनी का भुगतान
इंदौर की तुलसियान कंपनी के मैनेजर धर्मबीर सिंह ने बताया कि शहर में काम करते हुए आठ माह पूरे हो चुके हैं। सितंबर से दिसंबर तक करीब दो करोड़ के चार बिलों में से सिर्फ 85 लाख राशि का भुगतान अब तक किया है। जबकि 40 फीसदी राशि पिछली बकाया है। इसी तरह जनवरी से अप्रैल तक के चार बिलों के करीब दो करोड़ का भुगतान अटका हुआ है। यही वजह है कि कंपनी अपने कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल माह का वेतन भुगतान भी नहीं कर पाई है।
यह है अड़चन
कंपनी ने शहर में जब से कूड़ा उठान और निस्तारण का ठेका संभाला है, तभी से नगर परिषद और कंपनी के बीच बिलों के भुगतान को लेकर विवाद बना हुआ है। नगर परिषद ने कंपनी के बिलों पर कुछ आपत्तियां दर्ज करा दी हैं, जिसको लेकर ही भुगतान में अड़चन है। ऐसे में कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को हर माह वेतन भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों के लिए अपना घर खर्च चला पाना भी मुश्किल हो गया है।
रविवार को भी नहीं होगा कूड़ा उठान
शनिवार को कंपनी कर्मियों की हड़ताल के कारण कूड़ा उठान नहीं हो पाया। रविवार को छुट्टी रहेगी। दो दिन के अंदर शहर में करीब 200 टन से अधिक कूड़े के ढेर लग जाएंगे। सोमवार तक हड़ताल पर सहमति नहीं बनी तो फिर शहर कूड़े के ढेर में तबदील हो जाएगा और गंदगी और उमस भरे मौसम में बदबू से बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी शहर में बढ़ जाएगा।
मेरे संज्ञान में अभी तक ये मामला नहीं है। अगर कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं तो क्यों गए हैं, इसका भी पता करेंगे और कूड़ा उठान की वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाएंगे।
-अभय सिंह यादव, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद भिवानी।