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Bhiwani News: सफाई ठप, शहर में लगे 550 टन कचरे के ढेर, हड़ताल से जनजीवन प्रभावित

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शहर के घंटाघर पर सड़क किनारे पड़ा कूड़ा कचरा।
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भिवानी। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी शुक्रवार से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं जिसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहने के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं जिससे आमजन को बदबू और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन शहर से लगभग 100 टन कूड़े का उठान होता है ऐसे में पांच दिन से सफाई न होने के कारण शहर में करीब 550 टन कचरा जमा हो गया है।
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मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना दिया। दरअसल, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के हजारों कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण पांच दिन से शहर में सफाई व्यवस्था, सीवर रखरखाव और कार्यालयी कामकाज पूरी तरह ठप है। कर्मचारियों ने सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी तथा कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाया।
हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सरकार और संघ के बीच कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं लेकिन मानी गई मांगों को अभी तक धरातल पर लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 से 2026 तक सफाई और सीवर कर्मचारियों की कोई पक्की भर्ती नहीं की गई है। ठेका प्रथा को समाप्त करने के बजाय सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के नाम पर कर्मचारियों को छला है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक 22 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
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सफाई न होने से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर
शुक्रवार से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण शहर के प्रमुख बाजारों और कालोनियों में कचरे के ढेर लग गए हैं। बिचला बाजार, जैन चौक, सर्राफ बाजार, घंटाघर बाजार, सराय चौपटा, दिनोद गेट, हांसी गेट, पटेल नगर, कृष्णा कॉलोनी, रोहतक गेट, सब्जी मंडी, दादरी गेट सहित सभी क्षेत्रों में कचरा जमा हो गया है। कचरे के ढेरों में बेसहारा पशु मुंह मारते दिखाई दिए।

कर्मी बोले- जनता की असुविधा के लिए सरकार जिम्मेदार
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जनता को हो रही असुविधा के लिए सीधे तौर पर सरकार का उपेक्षापूर्ण रवैया जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि अग्निशमन विभाग के कर्मचारी 8 अप्रैल से हड़ताल पर हैं, और उनकी मांगों का भी समर्थन किया जा रहा है। मांग की गई कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों रणवीर और भवीचन्द को शहीद का दर्जा दिया जाए तथा उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाए।


नगर परिषद सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। यदि सरकार ने उनकी मांगों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए तो कर्मचारी संघ हड़ताल समाप्त नहीं करेगा। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। -पुरुषोत्तम दानव, प्रदेश सचिव, नगर पालिका कर्मचारी संघ।
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