प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को दो साल बीत चुके हैं मगर भिवानी में स्वच्छता कहीं नजर नहीं आ रही। पहले की तरह जगह-जगह कचरे के ढेर लगे है।ं तमाम प्रयासों के बावजूद शहर से स्वच्छता गायब है। इसका मुख्य कारण है संसाधनों की कमी है। न शहर में पर्याप्त डस्टबिन है और न ही पर्याप्त कर्मचारी। शहर में लगे कचरे के ढेर और फैली गंदगी को देखते हुए यहां कम से कम 150 कर्मचारी और चाहिए।
दो साल पहले देश के 474 शहरों पर हुए सर्वे में भिवानी को सबसे गंदे 10 शहरों में स्थान मिला था। इसी दौरान प्रधानमंत्री का स्वच्छता अभियान शुरू हुआ। नेताओं के साथ अधिकारियों ने भी झाडू़ उठाई और शहर में स्वच्छता अभियान चला। नेताओं ने दावे किए कि अगली बार सर्वे में देश के सबसे सुंदर 10 शहरों में भिवानी को शामिल करवाया जाएगा। मगर कुछ दिन चला अभियान अब टॉय-टॉय फुस्स हो चुका है। आलम यह है कि न तो शहर में प्रर्याप्त डस्टबिन है और न ही सफाई कर्मचारी। नप कर्मचारी अभी तक तो कचरे के डंप प्वाइंट भी तय नहीं कर पाए है। हालात ये है कि लोग शहर की मुख्य सड़कों के बीच में ही कचरा डाल रहे है। शहर में कचरे के ढेर लगे होने का एक मुख्य कारण यह भी है कि यहां न कूड़ा निस्तारण प्लांट है और न कचरा डंप करने की जगह। अभी तक दादरी रोड पर नप की खाली जगह में ही कचरा डाला जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद वहां दीवार खिंचकर कचरा दीवारों के पीछे डाला जा रहा है। सरकारी कार्यालय में भी कचरे के ढ़ेर लगे है।
356 कर्मचारी, चाहिए 150
नगर परिषद में फिलहाल 188 नियमित सफाई कर्मचारी है और 158 अनुबंध पर लगे कर्मचारी। शहर के 31 वार्डों, बाजारों और व्यवस्था को देखते हुए यहां कम से कम 150 सफाई कर्मचारी और चाहिए। पिछले वर्ष सफाई कर्मचारियों की कमी पर 75 सफाई कर्मचारी ठेके पर लगाए गए थे मगर दिसंबर माह में उनको हटा दिया गया। अधिकतर को तो अभी तक वेतन भी नहीं मिला है। इन कर्मचारियों को दोबारा लगाने की अनुमति के लिए फाइल उपायुक्त कार्यालय भेजी गई मगर अभी तक अनुमति मिलने का इंतजार है। शहर में डस्टबिन भी गिने चुने हैं और शहर की व्यवस्था को देखते हुए कम से कम एक सौ बड़े डस्टबिन और चाहिए।
यहां तो सड़क ही बनी है कूड़ेदान
शहर के बर्तन बाजार मस्तान गली चौक, रोहतक गेट चौक, नया बाजार मार्ग पर सड़क के बीच ही कचरा डाला जा रहा है। रोहतक गेट चौक से नया बाजार की ओर जाने वाले मार्ग के बीच बने डिवाइडर के पास, रोहतक गेट से दादरी गेट की ओर जाने वाले मार्ग पर भी सड़क के बीच डिवाइडर के पास लोगों ने कचरे का डंप प्वाइंट बना दिया है। इसी तरह बर्तन बाजार में मस्तान गली के पास चौराहें के बीच ही कचरा डाला जा रहा है।
कचरे का उठान नहीं होने पर जला रहे कर्मचारी
नप कर्मचारी आमजन को भले ही कचरा नहीं जलाने का संदेश दे रहे हो मगर स्वयं कर्मचारी ही कचरे के उठान की व्यवस्था नहीं होने के कारण आग लगा रहे है। शहर के जालान अस्पताल के पास, कमला भवन के पास, हलवासिया स्कूल के सामने अक्सर कचरे के ढेर को एकत्रित कर आग लगाते नप कर्मी हर रोज सुबह देखे जा सकते हैं।