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शहर को चार जोन में बांटकर सफाई की तैयारी, टेंडर लटका

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नेहरू पार्क के पीछे लगा गंदगी का ढेर। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
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पिछले करीब एक साल से शहर में बिगड़ी सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने की एक बार फिर कवायद हो गई है। नप में नियमित सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण इस बार शहर को चार जोन में बांटकर सफाई की तैयारी है। तीन जोन की सफाई का ठेका दिया जाएगा तो एक जोन की सफाई नगर परिषद के कर्मचारी संभालेंगे। हालांकि अभी टेंडर प्रक्रिया मुख्यालय में अटकी हुई है।
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पिछले साल नगर परिषद ने शहर के सरकुलर रोड के एक साइड की सफाई का ठेका दिया था। उस दौरान स्वच्छता सर्वे भी था और शहर को चमकाने में जिला प्रशासन और नप ने पूरी ताकत झोंकी। शहर की सफाई पर पूरा फोकस रखा। मगर तत्कालीन उपायुक्त की ट्रांसफर के बाद अब सफाई व्यवस्था भी पटरी से उतरी हुई है। शहर की अनेक कॉलोनियां तो ऐसी है, जहां सफाई कर्मचारी जाते ही नहीं। इनमें शहर की आउटर की कॉलोनियां ज्यादा है। शहर में पिछले एक साल से तो सफाई का ठेका ही नहीं हुआ है। फिलहाल सिर्फ सेक्टर की ही सफाई का ठेका है, अन्य शहर में सफाई व्यवस्था ठप है। नप के पास करीब 150 नियमित सफाई कर्मचारी हैं। जिनमें कुछ अधिकारियों, नेताओं के आवासों पर हैं तो कुछ सरकारी विभागों, नप ही में क्लर्की कर रहे हैं। सफाई कार्य के लिए बहुत कम ही कर्मचारी बचे हैं। जबकि शहर की आबादी और क्षेत्र बढ़ रहा है।
14 को खत्म हो जाएगा सेक्टर का भी ठेका
करीब दो साल पहले शहर के सेक्टर और सरकुलर रोड की एक तरफ की सफाई का ठेका दिया गया था। दोबारा शहर के सरकुलर रोड का तो ठेका नहीं हुआ मगर सेक्टर क्षेत्र का हुआ। अब सेक्टर की सफाई का ठेका भी 14 अगस्त को खत्म हो रहा है। जिसके बाद यहां भी हालात बिगड़ सकते है।
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मुख्यालय के फेर में अटकी टेंडर प्रक्रिया
वर्ष के शुरुआत में शहरी निकाय निदेशालय से निर्देश आए थे कि अभी किसी तरह के कोई टेंडर न छोड़े जाए। नई गाइड लाइन जारी की जाएंगी। उसके बाद न तो गाइड लाइन आई और न ही टेंडर प्रक्रिया हुई। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है और शहर के अनेक क्षेत्रों में गंदगी के ढेर लगे हैं।
वर्जन -
नगर परिषद की हाउस की बैठक में शहर को चार जोन में बांटकर सफाई कराने की बात हुई थी। अब हाउस में लिए फैसलों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद इसकी प्रॉसेस आगे बढ़ाई जाएगी।
- सुंदर श्योराण, एक्सईएन नगर परिषद
मैं शहर की सफाई व्यवस्था के प्रति गंभीर हूं। शहर की सफाई व्यवस्था का ठेका देने की भी योजना है मगर मुख्यालय से फाइल अटकी हुई है। मुख्यालय की कुछ बंदिशें होने के कारण सफाई का ठेका नहीं छोड़ा जा सका। मगर जल्द ही बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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- रण सिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद
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