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Bhiwani News: हड़ताल के दौरान लोकल रूटों पर रही मारामारी, पायदान पर सवारी

Thu, 25 Jan 2024 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बुधवार को लंबी दूरी के रूटों पर बसों का संचालन हुआ वहीं लोकल रूटों पर बसों की मारामारी बनी। ग्रामीण रूटों पर तो पायदान पर ही लोगों को लटककर सफर करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्र से शहर में कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। निजी बसों में खचाखच भीड़ रही।
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वहीं शहर के चौक चौराहों पर भी लोग वाहनों का इंतजार करते रहे। बस स्टैंड पर बूथों रोडवेज के बजाय निजी बसें लगी दिखी। प्राइवेट वाहनों ने भी हड़ताल में खूब चांदी कूटी। रोडवेज प्रशासन के अनुसार डिपो की 208 बसों में से करीब 150 बसों को ऑन रूट किया गया।
हड़ताल के दौरान भिवानी बस स्टैंड से बुधवार सुबह चंडीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, जींद के अलावा पानीपत के लिए बसें चलाई गईं। लोकल रूटों पर बसों की मारामारी बनी। भिवानी से वाया ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की बसें नहीं चली। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने वर्कशाप के बाहर धरना दिया। जिन बसों का भिवानी डिपो में रात्रि ठहराव था वे बसें भी यात्रियों को लेकर चलीं। बस स्टैंड पर भी यात्री भटकते रहे।
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सुबह इक्का दुक्का बसों को ही कर्मशाला से निकलने का मौका मिला। दिन में कर्मचारियों ने गेट पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान बस स्टैंड के बूथों पर निजी बसों को लगवा दिया गया। हड़ताल में निजी बसों ने चौसर यानी रूट पर चार बार आना और चार बार जाना किया।

हड़ताल से लगा रोडवेज को भी करीब पांच से सात लाख का चूना
रोडवेज की हड़ताल के दौरान विभाग को भी करीब पांच से सात लाख का चूना लगा। कई रूटों पर बसें नहीं चल पाईं। वहीं लंबी दूरी के रूटों पर अधिकतर निजी बसों ने ही मुसाफिरों को गंतव्य तक पहुंचाया। ऐसे में रोडवेज की प्रति यात्री आय के हिसाब से पांच से सात लाख रुपये का नुकसान आंका जा रहा है।

कर्मशाला के बाहर हड़ताली कर्मचारियों ने डाला पड़ाव
भिवानी। कर्मशाला के बाहर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान अनिल फौजी, विजेंद्र मिताथल, पवन फोगाट ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। संचालन डिपो सचिव अनिल नागर व राजकुमार तालू ने किया। राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद, ओमप्रकाश ग्रेवाल, पवन शर्मा , जय प्रकाश चौहान तथा सुख दर्शन सिरोहा ने कहा कि परिवहन मंत्री व रोडवेज के उच्च अधिकारी रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी करके कर्मचारियों को हड़ताल करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री व रोडवेज के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता के बावजूद भी कर्मचारियों की मांगों को जायज मानते हुए भी लागू नहीं किया जा रहा है, इसलिए पूरे प्रदेश के रोडवेज कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। इस अवसर पर राजेश रावलदी,राजेश शर्मा, प्रदीप दुग्गल, ओमवीर राणा, प्रताप सिंह राठौड़, गुलशन, सोनू प्रजापत, राजकुमार दलाल, रामपाल देशवाल, संदीप सांगवान आदि मौजूद रहे।

ये रहीं रोडवेज कर्मचारियों की मांगे
रोडवेज कर्मचारी अर्जित अवकाश कटौती का पत्र वापस लेने, परिचालकों, लिपिकों व चालकों के वेतनमान की मांग पूरी करने, 5300 नई बसें बेडे में शामिल करने, पक्की भर्ती करने, पुरानी पेंशन बहाल और हिट एंड रन कानून लागू नहीं करने सहित अनेक मांगे लागू करने की मांग पर अड़े हैं।

रोडवेज की 208 बसों में से करीब डेढ़ सौ बसों को शाम तक ऑन रूट कराया गया है। लंबी दूरी के सभी रूटों पर बसों का संचालन हुआ है। लोकल रूटों पर कुछ बसें नहीं चली। वहां सोसायटी की बसों को चलाया गया है। हमारा पूरा प्रयास रहा है कि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाए। - डॉ. नेत्रपाल खत्री, डिपो महाप्रबंधक भिवानी।
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