भिवानी / बवानीखेड़ा। जिले में पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को रविवार दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश से काफी राहत मिली। लेकिन 15 मिनट की बारिश में ही भिवानी शहर, लोहारू आैर बवानीखेड़ा क्षेत्र में प्रशासन के जलनिकासी के दावे फेल हो गए। यहां तीन घंटे बाद भी बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई।
शहर के रोहतक गेट, लोहारू के चौधरी देवीलाल चौक और बवानीखेड़ा में सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कस्बावासियों ने प्रशासन की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताई और कहा कि जलनिकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हर साल यही स्थिति बन जाती है। थोड़ी सी बारिश में ही गलियां तालाब बन जाती हैं। बवानीखेड़ा में बारिश के बाद नगरपालिका कर्मचारी सफाई और जल निकासी में जुटे रहे।
लोहारू, बवानीखेड़ा समेत कई क्षेत्रों में बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, यह राहत बारिश के साथ आई जलभराव की समस्या के कारण असुविधा में बदल गई। भिवानी शहर में छह और लोहारू में 10 एमएम बारिश हुई।
धान की रोपाई में आएगी तेजी : बारिश ने किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है। मानसून की दस्तक के साथ ही अब जिले में धान की रोपाई का कार्य तेज़ी से शुरू होगा। बवानीखेड़ा और मुंढाल क्षेत्र में करीब एक हजार एकड़ में धान की खेती की जाएगी। किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे और मौसम विभाग भी उन्हें धैर्य रखने की सलाह दे रहा था।
पानी भरने से यातायात बाधित हुआ
लोहारू। रविवार को दोपहर तीन बजे के बाद लोहारू और आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम बदला और करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे पहले पिछले कुछ दिनों से बादल छाए हुए थे और उमस का असर बढ़ता जा रहा था। बारिश ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव भी हो गया। चौधरी देवीलाल चौक, सात नंबर चुंगी, रेस्ट हाउस के सामने और माता चौक जैसे इलाकों में पानी भरने से यातायात बाधित हुआ। नगर पालिका ने पूर्व में नालों की सफाई करवाई थी, लेकिन जल निकासी व्यवस्था की कमियों ने फिर चुनौती पेश की। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि मानसून सीजन में राहत परेशानी में न बदले।