ट्रेनी डॉक्टर्स व अन्य प्रशिक्षु स्वास्थ्य कर्मचारियों को अब प्राइवेट पीजी में ठहरने के लिए मोटा खर्च नहीं झेलना पड़ेगा, बल्कि अब उन्हें जिला सामान्य अस्पताल परिसर में ही ट्रेनिंग के साथ आवासीय सुविधा भी एक ही छत के नीचे मिलेगी। अब तक प्रशिक्षु चिकित्सकों के लिए जिला सामान्य अस्पताल परिसर में कोई भी रेजीडेंसियल सुविधा नहीं दी जा रही थी। वहीं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी बाहर ही ठहरने का इंतजाम करते थे, जिसके चलते उन्हें भारी खर्च भी उठाना पड़ता था।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला सामान्य अस्पताल में स्थित सीएमओ आवास को अब ट्रेनिंग सेंटर और रेस्ट हाउस बनाया जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने इसमें ठहरने के लिए विशेष हिदायत और शुल्क भी तय किया है। साथ ही छुट्टी के दिन सिविल सर्जन भी इसमें बने कार्यालय में बैठेंगे। जिला सामान्य अस्पताल में सीएमओ ऑफिस के नजदीक ही सीएमओ का आवास है। जिसमें सीएमओ के ठहरने की व्यवस्था हो रही है। जिला सामान्य अस्पताल के कार्यवाहक सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि सीएमओ आवास को पहले से ही रेस्ट हाउस बनाया हुआ था। मगर किन्हीं कारणों से यह व्यवस्था बन नहीं पाई। अस्पताल प्रशासन से बातचीत कर सीएमओ आवास को ट्रेनिंग सेंटर और रेस्ट हाउस बनाया जाएगा। जिसमें बाहर से ट्रेनिंग पर आने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, अधिकारियों, कर्मचारियाें या अन्य अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने विशेष हिदायत और शुल्क भी तय किया है। सीएमओ आवास में एसी और नॉन एसी रूम हैं। जिसमें एसी रूम के लिए 200 रुपये प्रति दिन और नॉन एसी रूम के लिए 100 रुपये प्रति दिन के हिसाब से लिए जाएंगे।
यहां ठहरने के लिए ये हैं हिदायत
- ठहरने वाले की आईडी की फोटाकॉपी जमा करवानी होगी।
- कोई भी अपने परिवार सहित नहीं रह सकता।
- सामान की चेकिंग करवानी जरूरी है।
- नशीले पदार्थ का सेवन नहीं कर सकता।
- एक व्यक्ति को सिर्फ एक ही रूम दिया जाएगा।
- ठहरने से पहले संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित करें।
अस्पताल के सीएमओ आवास को ट्रेनिंग सेंटर और रेस्ट हाउस बनाया जा रहा है। मैंने इसके लिए व्यवस्था करवाई है। डॉ. निकिता को इसका इंचार्ज बनाया गया है। इसकी देखरेख और सुरक्षा के लिए एक सुरक्षाकर्मी भी तैनात किया जाएगा। ठहरने वालों के लिए कुछ हिदायतें तय की गई है। जिनका पालन करना आवश्यक है।
- डॉ. कृष्ण कुमार, कार्यवाहक सिविल सर्जन भिवानी।