भिवानी। कोरोना वायरस का संक्रमण जिस रफ्तार से फैल रहा है, उसी रफ्तार से कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। मगर चिंता की विषय है कि सामान्य अस्पताल में दाखिल गंभीर कोरोना संक्रमित की मौत ज्यादा हो रही है। जिसने स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की भी नींद उड़ा दी है। प्राथमिक मंथन के बाद सामने आया कि सामान्य अस्पताल में ज्यादातर उन्हीं मरीजों को लाया जा रहा है जो बहुत ज्यादा गंभीर हालत में हो। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और पीजीआई में बेड की कमी के चलते अब वहां अधिकतर मरीजों को रेफर नहीं किया जा रहा। ऐसे में मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। बुधवार को भी 13 कोरोना संक्रमण दम तोड़ गए। इनमें ज्यादातर सामान्य अस्पताल से है।
13 ने तोड़ा दम, 802 नए संक्रमित आए सामने
बुधवार को 13 कोरोना संक्रमित दम तोड़ गए। जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा 365 तक पहुंच गया है। इनमें 152 मौतें तो अकेले मई माह के 12 दिनों में हुई है। बुधवार को 802 नए कोरोना संक्रमित सामने आए। जिसके बाद संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 16306 तक पहुंच गया है। इनमें 12303 ठीक हो चुके हैं और एक्टिव केस 3638 है। बुधवार को भी 627 ठीक हुए। मगर चिंता का विषय है कोरोना संक्रमितों और मृतकों की बढ़ती रफ्तार। पिछले 12 दिन में 6291 कोरोना संक्रमित सामने आए है।
तिथि संक्रमित ठीक हुए मौत
01 मई 312 264 09
02 मई 428 212 07
03 मई 466 412 13
04 मई 821 337 13
05 मई 416 364 15
06 मई 470 100 11
07 मई 74 302 11
08 मई 997 369 14
09 मई 703 486 12
10 मई 460 213 14
11 मई 342 374 14
12 मई 802 627 13
इन्होंने तोड़ा दम
- तिगड़ाना गांव की एक महिला ने 11 मई को दम तोड़ दिया। बालाजी कॉलोनी वासी एक व्यक्ति को नौ मई को अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। जिन्होंने 11 मई को दम तोड़ दिया। कायला गांव की एक महिला ने 12 मई की सुबह करीब साढ़े नौ बजे दम तोड़ दिया। नए बस स्टैंड के नजदीक रहने वाले 66 वर्षीय भी कोरोना संक्रमण से जिंदगी की जंग हार गया। परिजनों ने गागड़वास गांव में शव का कोविड-19 सुरक्षा नियमों के तहत अंतिम संस्कार किया। सिवानी के वार्ड दो वासी 61 वर्षीय महिला भी की हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान बुधवार को मौत हो गई। लोहड़ बाजार वासी 73 वर्षीय बुजुर्ग की भी कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई।
वर्जन::::
कोरोना से मौत का बढ़ता आंकड़ा हमारे लिए भी चिंता का विषय है। सामान्य अस्पताल में ऐसे मरीज ज्यादा आ रहे हैं जो बहुत ज्यादा गंभीर हो। प्राइवेट अस्पताल संचालक भी मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होने पर सामान्य अस्पताल भेज देते हैं। अब अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, पीजीआई रोहतक व अन्य बड़े अस्पतालों में मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण वहां भी सभी को रेफर नहीं कर सकते। ये एक बड़ा कारण सामने आ रहा है कि सामान्य अस्पताल में मौत ज्यादा हो रही है। बाकी हमारा प्रयास है कि हरेक मरीज को बेहतर इलाज दे ताकि उसकी जिंदगी बचाई जा सके और काफी मरीजों को हमारे चिकित्सक बचा भी रहे हैं।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन