जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से गांव कलिंगा के छह मकानों के नीचे से जमीन खिसक गई है। मकान के बाहर करीब छह फीट गहरा गड्ढा बन गया है। सीसी सड़क भी कई जगह से धंस गई है। यह सब हुआ पेयजल का फटने से। समस्या को लेकर ग्रामीण डीसी कार्यालय पहुंचे और मामले में कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।
गांव कलिंगा में 12 साल पुरानी पाइप लाइन में पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों ने बिना जांच पड़ताल के तेज प्रेशर से पानी छोड़ दिया। जिस वजह से पुरानी पेयजल लाइन कई जगह से फट गई और पानी जमीन के अंदर ही रिसता रहा। पानी रिसाव के कारण आसपास के छह मकानों की नींव के नीचे से मिट्टी खिसक गई। पब्लिक हेल्थ विभाग की इस लापरवाही से गली के अंदर सीसी सड़क के नीचे करीबन छह फीट गहरा गड्ढा बन गया, वहीं आसपास के करीबन छह मकानों की दीवारों व छतों में मोटी दरारें आ गई।
ट्रैक्टर धंसा तो हुआ खुलासा
पानी की पाइप लीकेज का पता तब लगा जब एक ट्रैक्टर अचानक गली के अंदर धंस गया। सीसी सड़क के नीचे बनी सुरंग को देखकर ग्रामीण भी हैरान रह गए और इसी दौरान मकानों की दीवारों व छतों में भी रातोंरात मोटी दरारें आ गई। जब ग्रामीणों ने जमीन खोदकर मामले की पड़ताल की तो माजरा समझ आ गया। जमीन के नीचे वर्षों पहले डाली गई पुरानी पेयजल लाइन फटने से पानी लीकेज होता रहा और यह पानी आसपास के मकानों की बुनियाद को ही हिलाकर रख दिया। ग्रामीणों ने दहशत के चलते अपने मकान भी खाली कर दिए।
ग्रामीणों ने लगाई गुहार
ग्रामीणों ने बुधवार सुबह लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर मामले की शिकायत उपायुक्त को भी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि पब्लिक हेल्थ विभाग की लापरवाही से पूरी गली खोखली हो गई वहीं छह मकान मालिकों के आशियाने ही ढहने के कगार पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि दहशत के मारे परिवार की महिलाओं और बच्चों को भी दूसरी जगह भेजा गया है। पेयजल लाइन में लीकेज से जमीन खोखली हो गई और इस वजह से मकान भी अब गिरने के कगार पर हैं, ये मकान कभी गिरने से तबाही मचा सकते हैं। पब्लिक हेल्थ विभाग की लापरवाही से लाखों रुपयों का आर्थिक नुक़ान झेल रहे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए पब्लिक हेल्थ की लापरवाही से डेमेज हुई लाइन को भी जल्द दुरुस्त कराने की मांग उठाई।
शिकायतों के बावजूद बंद नहीं किया लाइन में पानी
लघु सचिवालय परिसर में उपायुक्त से मिलने पहुंचे गांव कलिंगा के ग्रामीण पवन कुमार, अनुज, जतनपाल, लीलू, रतन सिंह व राजेंद्र ने बताया कि कई सालों से जर्जर हाल पानी की लाइन में 13 सितंबर को अचानक तेज प्रेशर से पानी छोड़ दिया गया। इस वजह से खस्ताहाल पेयजल लाइन कई जगह से लीकेज की वजह बन गई। रोजाना ही लीकेज होकर पानी सीसी सड़क के नीचे जमीन को खोखली करता रहा और पब्लिक हेल्थ विभाग को भी लाइन में पानी बंद किए जाने की काफी बार शिकायतें दी गई।
इन मकान मालिकों के मकानों में नुकसान
गांव कलिंगा के सवाई पाना अदालतियों की गली निवासी अनुज कुमार अदालती, पवन कुमार, जतनपाल, राज सिंह, राजेंद्र व लीलू का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। इन सभी मकानों की दीवारें व छतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गली के बाहर भी जमीन में सुरंग दिखाई देने लगी है। इन सभी घरों को गिरने की दहशत से खाली करा दिया गया है।