शहर में सीवर और दूषित पेयजलापूर्ति की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को आंबेडकर कॉलोनी और पुरानी अनाजमंडी क्षेत्र के लोग परेशान होकर सड़क पर उतरे और नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही चेतावनी भी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे रोड जाम जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बार-बार शिकायत दिए जाने के बावजूद अनदेखी के आरोप लगाए।
दो सालों से ठप पड़ा आंबेडकर कॉलोनी में सीवर : पीपली वाली जोहड़ी के समीप आंबेडकर कॉलोनी में पिछले दो सालों से सीवरेज व्यवस्था ठप है। इस वजह से पेयजल सप्लाई में भी दूषित आपूर्ति हो रही है। दूषित पानी से लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है। सोमवार को कॉलोनी के लोगों ने पब्लिक हेल्थ विभाग के कार्यकारी अभियंता से मुलाकात कर ठप सीवरेज का समाधान कराए जाने की शिकायत सौंपकर मांग उठाई।
लेबर क्रांति मोर्चा के पदाधिकारी राजेंद्र तंवर व कामरेड ओमप्रकाश ने कॉलोनी वासियों के साथ ठप सीवरेज व्यवस्था को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कॉलोनी के लोगों ने कार्यकारी अभियंता बलवान शर्मा को शिकायत सौंपकर जल्द से जल्द सीवरेज सफाई कराए जाने की मांग उठाई। इस पर कार्यकारी अभियंता ने जेई की ड्यूटी लगाई और जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि पीपली वाली जोहड़ी के बूस्टर से इस इलाके में पाइप लाइन मात्र 200 मीटर की दूरी पर है। जिसे बूस्टर से जोड़ा जाए तो इस समस्या का समाधान हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने पब्लिक हेल्थ के बाद नगर परिषद का रुख किया, जहां चेयरमैन को मांग पत्र सौंपकर कच्ची गलियों को जल्द पक्का कराए जाने की मांग उठाई। इस मौके पर कैप्टन रामभगत, सतबीर खिच्ची, अत्तर सिंह, बलबीर दहिया, सतबीर सिवाच, श्योनंद ग्रेवाल, सुरेकश सैनी प्रवक्ता, रामफल देशवाल, करतार ग्रेवाल, संतोष देशवाल, रत्न जिंदल, लालचंद जांगड़ा उपस्थित थे।
गंदे पानी की निकासी नहीं होने से गलियां बनी तालाब, 25 हजार की आबादी परेशान
शहर की पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र में पिछले डेढ़ साल से गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। रोजाना दो से ढाई फीट तक गंदा पानी जमा रहने से गलियां तालाब बनीं हैं। ठप सीवर के कारण शहर की 25 हजार लोगों की आबादी भी काफी अर्से से परेशान हो रही है। सोमवार को गलियों के अंदर जमा गंदे पानी से आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
कॉलोनी निवासी प्रदीप सोनी, कैलाश लोटा, विजय कुमार, सतीश सोनी, इंद्रा देवी, शीला देवी, पुष्पा देवी, कुसुम देवी ने बताया कि कन्हीराम अस्पताल के समीप नीम चौक व इसके आसपास के इलाके में दूषित पानी की निकासी नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। पहले इस क्षेत्र का गंदा पानी बिछवाना जोहड़ में जाता था, अब प्रशासन ने बिछवाना जोहड़ को झील बनाने के लिए चहारदीवारी करा दी है। जिससे गंदे पानी की निकासी कहीं नहीं हो रही है। जेई से लेकर एसडीओ और एक्सईएन तक गुहार लगाई मगर अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। प्रदीप सोनी ने बताया कि घोसियान चौक क्षेत्र से लेकर हनुमान गेट तक सीवरेज लाइन पूरी तरह से ठप पड़ी है। इस लाइन की जगह नई सीवरेज लाइन डालना ही एक स्थायी समाधान है। गंदे पानी के कारण रोजाना ही हादसे हो रहे हैं। दो दिन पहले सडक़ पर ढाई फीट जमा गंदे पानी में दो साल का बच्चा डूब गया था, जिसे समय रहते देख लेने से उसकी जान बच गई। यहां बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। ठप सीवरेज की वजह से पूरे क्षेत्र में दूषित पेयजलापूर्ति हो रही है। कॉलोनी के लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे जिला प्रशासन के खिलाफ लघु सचिवालय परिसर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।
हनुमान ढाणी पीपलीवाली जोहड़ी क्षेत्र में सीवर की सफाई का काम मशीनों से कराया जा चुका है। यहां पर ओपन ड्रेनों का सीधा कनेक्शन सीवर में किया हुआ है। इसी वजह से सीवर में इलाके की अवैध पशु डेयरियों का गोबर, ईंट पत्थर और भारी मात्रा में मिट्टी व पॉलीथिन निकाला गया है। पेयजल को लेकर भी कुछ लोगों ने समस्याएं रखी हैं, जिनके समाधान के निर्देश दिए गए हैं।
- बलवान शर्मा, कार्यकारी अभियंता, सीवरेज शाखा पब्लिक हेल्थ विभाग।
कन्हीराम अस्पताल के सामने गली में ठप सीवर व्यवस्था को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते क्षेत?- फोटो : Bhiwani