जीत दूध दही का खाणा, यह मेरा हरियाणा... हरियाणा के लोगों की हिष्ट पुष्ट कद काठी और रौबिले व्यक्तित्व के लिए मशहूर है, मगर अब हालात बदल रहे हैं। क्योंकि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाली भावी पीढ़ी पर पौष्टिकता से अधिक स्वाद हावी हो गया है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों की हेल्थ जांच के दौरान उनमें खून की कमी, कैल्शियम सहित अन्य पोषक तत्वों की कमी पाई गई है।
बच्चों की सेहत में लगातार आ रही गिरावट में सुधार लाने के मकसद से उनमें पौष्टिकता बढ़ाने की योजना शिक्षा विभाग ने बनाई है। अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील के भोजन में पौष्टिकता भरे व्यंजनों को शामिल किया जाएगा। इसमें सबसे प्रभावी हरियाणा का परंपरागत एवं पौष्टिक व्यंजन गुलगुला शामिल किया जाएगा। इसी के साथ बाजरा भी बच्चों की गिरती सेहत को संभालेगा।
भिवानी जिला में 479 सरकारी स्कूलों के अंदर 57255 बच्चे रोजाना मिड डे मील का स्वाद चख रहे हैं। फिलहाल बच्चों को चावल, दूध, शक्कर, मूंगफली, गेहूं, सोयाचूरा, रिफाइंड ऑयल के साथ हरी सब्जियां, काला चना से तैयार व्यंजनों को परोसा जा रहा है।
हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रत्येक बच्चे को पौष्टिक आहार मुहैया कराने के लिए उन्हें स्कूल में ही पौष्टिक व्यंजन दिए जा रहे हैं। सप्ताह के प्रत्येक दिन अलग अलग व्यंजनों का प्रावधान है। इसके लिए कक्षा पहली से पांचवीं और कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए 20-20 प्रकार के व्यंजनों की सूची भी बनाई गई है। भिवानी जिले में 445 प्राथमिक स्कूलों में कक्षा पहली से पांचवीं तक 33712 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि अपर प्राइमरी 304 स्कूलों में कक्षा छठी से आठवीं तक 23543 बच्चे अध्ययनरत हैं। जिले के प्राइमरी और अपर प्राइमरी के 749 स्कूलों के 57255 बच्चों की ब्लॉक वाइज स्वास्थ्य विभाग द्वारा साल में दो बार नियमित स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। इसी जांच में इन बच्चों के अंदर खून की कमी और कैल्शियम जैसे जरूरी तत्वों की कमी पाई गई है।
ये होंगी नई चीजें शामिल : बाजरा की खिचड़ी, बाजरा के गुलगुले, बाजरा की पूरी, नारियल चावल पुलाव, नारियल को शामिल किया जाएगा। अब तक सरकारी स्कूलों में हैफेड के जरिए सरकारी राशन की सप्लाई में गेहूं और चावल दिया जा रहा है। जबकि मशालें, तेल और हरी सब्जियों के अलावा दाल का प्रबंध स्वयं सहायता समूह द्वारा कराई जा रही हैं। अब बच्चों के व्यंजनों में पौष्टिकता बढ़ाने के लिए बाजरा भी सरकारी सप्लाई में दिया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों की सेहत में काफी गिरावट दर्ज की गई है। इसलिए बच्चों को स्वाद के मुताबिक नहीं बल्कि पौष्टिक व्यंजन दिए जाएंगे। इसके लिए बाजरा और नारियल को शामिल किए जाने की योजना है। जल्द ही निदेशालय स्तर पर इसे मंजूरी मिलने के बाद सभी विद्यालयों में बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा।
- अजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।