नगर परिषद की बैठक में हंगामे के बीच शहर के विकास कार्यों को मंजूरी मिली। अनाधिकृत कॉलोनियों में गली निर्माण नहीं होने पर पार्षदों और अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना का पात्रों को लाभ नहीं मिलने पर भी हंगामा हुआ। हंगामे के बीच 16 करोड़ से शहर की विभिन्न कॉलोनियों में गलियों के निर्माण, लावारिस पशुओं और बंदरों को पकड़ने का ठेका देने, कुत्तों की नसबंदी के फैसलों पर स्वीकृति की मोहर लगाई गई।
सोमवार को कार्यालय में नगर परिषद सदन की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन रण सिंह यादव ने की। बैठक शुरुआत से ही हंगामेदार रही। बैठक में पार्षदों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में नप की शर्तों को अड़चन बताते हुए गरीब आदमी तक इसका लाभ नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। पार्षदों ने बैठक में गरीब परिवारों के नक्शे पास नहीं होने व पुराने एवं पुस्तैनी मकानों की जमीन पूर्वजों के नाम होने पर योजना के लाभ से वंचित रहने की भी बात कही। पार्षदों ने वार्डों में विकास कार्य के साथ- साथ साफ सफाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। इसे लेकर पार्षदों और अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हुई।
शहर की अनाधिकृत कॉलोनियों के अंदर गलियों के निर्माण नहीं करने पर भी पार्षदों का गुस्सा फूटा। स्ट्रीट लाइट नहीं जलने, नए टीवर ऑटो की खरीद होने के बावजूद डोर टू डोर कचरा उठान नहीं होने के आरोप लगाए। बैठक के बाद सभी ने जल संरक्षण की शपथ ली।
एक सप्ताह में आमंत्रित करेंगे कुत्तों, बंदरों के टेंडर
लावारिस कुत्तों की नसबंदी कराने, बंदरों को पकड़ने और लावारिस पशुओं को पकड़कर नंदीशाला पहुंचाने के लिए टेंडर छोड़ेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इनके लिए एक सप्ताह में टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। अमृत योजना के तहत विभिन्न वार्डों में नई सीवरेज लाइन डाली जाएगी।
नप कार्यालय में खड़े हैं 18 ऑटो, नहीं हो रहा कचरा उठान
शहर के गली मोहल्लों व वार्ड स्तर पर कूड़ा उठान को लेकर नगर परिषद के पास फिलहाल 18 टीपर ऑटो हैं, जो नगर परिषद कार्यालय में ही खड़े हैं, क्योंकि इन्हें चलाने के लिए नप के पास ड्राइवर नहीं हैं। नप के पास पहले आठ टीपर ऑटो थे, जबकि हाल ही में दस नए टीपर ऑटो और खरीदे हैं। वार्ड स्तर पर कूड़ा उठान का काम पिछले 15 दिनों से ठप है। अनुबंध आधार पर चालक लगाए गए थे, जिनका अनुबंध खत्म हो चुका हैं। नए अनुबंध के बाद ही कूड़ा उठान का प्रबंध हो पाएगा।
अमृत योजना की फाइलें भी धूल फांक रही
पार्षद नरेंद्र सर्राफ ने कहा कि अमृत योजना की फाइलें कार्यालय में धूल फांक रही हैं। उसने पुराने शहर की जर्जर हाल सीवरेज के लिए अमृत योजना में काम कराने के लए पैमाइश के साथ फाइलें जमा कराई थी। इस संबंध में नगर परिषद और पब्लिक हेल्थ दोनों ही विभागों को काफी बार बोला गया, मगर फिर भी काम शुरू नहीं हुआ। एक लाइन थोड़ी दुरुस्त होती है तो दूसरी डैमेज हो जाती हैं, जबकि योजना पर प्रोपर तरीके से काम नहीं हो रहा है।
नप नहीं करा सकती काम तो लिखित में दें अधिकारी
महिला पार्षद सुशीला पूनिया ने कहा कि जनता काम चाहती हैं, अगर नगर परिषद काम नहीं करा सकती तो लिखित में अधिकारी उन्हें दें ताकि वे जनता के समक्ष पहुंचकर उन्हें खुद ही ये काम कराने के लिए बोल सकें। अधिकांश वार्ड की गलियां नहीं बनी हैं, पहले तो अनाधिकृत कॉलोनियों की कच्ची गलियों की पैमाइश भी मांगी थी, जिस पर उन्होंने एस्टीमेंट बनवा दिए, मगर अब अधिकारी बोल रहे हैं कि अनाधिकृत कॉलोनी की गली नहीं बनेंगी।
16 करोड़ से नई गलियों के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इसके अलावा गरीब आदमी को पीएम आवास योजना में शर्तों में राहत दिलाने और अमृत योजना में अनाधिकृत कॉलोनियों के अंदर नई सीवरेज व पेयजल डालने का नोटिफिकेशन जल्द जारी करने की मांग सरकार को भेजी है। जबकि बंदर, बेसहारा पशु पकड़ने और कुत्तों की नसबंदी के टेंडर कराने की प्रक्रिया चल रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 169 नक्शों के आवेदन आए थे, जिनमें 110 मकानों के नक्शे पास हो चुके हैं। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।
-रणसिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद भिवानी।